नर्मदा की स्वच्छता का बीड़ा,गणेश विसर्जन के बाद कायस्थ समाज की मातृशक्ति ने संभाला मोर्चा आस्था और पर्यावरण का संतुलन,चित्रगुप्त घाट पर दिखा अनुकरणीय जज़्बा।

ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
गणेश विसर्जन के पावन पर्व के ठीक दूसरे दिन, स्थानीय चित्रगुप्त घाट पर लापरवाही के दाग धोने के लिए अखिल भारतीय कायस्थ समाज की मातृशक्ति और पुरुष सदस्यों ने मोर्चा संभाल लिया।विसर्जन के बाद घाट पर बिखरे क्विंटल भर फूल-मालाओं,पूजन सामग्री और अन्य कचरे को साफ कर समाज ने पर्यावरण संरक्षण और नर्मदा स्वच्छता का संदेश दिया है।

सामूहिक श्रमदान।

समाज की महिलाओं और सदस्यों ने स्वयं आगे आकर घाट पर फैली गंदगी को बोरियों में भरा और उसे निर्धारित कचरा वाहन तक पहुंचाया।

प्रशासन पर निर्भरता नहीं।

यह संदेश दिया गया कि मां नर्मदा की स्वच्छता केवल प्रशासन या नगर पालिका का दायित्व नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

जागरूकता अभियान।

विसर्जन के दौरान फैली पूजन सामग्री को हटाकर साफ़ सफ़ाई कर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक कड़ा और सकारात्मक सबक पेश किया गया।

विशिष्ट अतिथियों और वक्ताओं के विचार।

“नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी आस्था और जीवन का आधार है। नर्मदा तटों को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।धार्मिक आयोजनों के बाद श्रद्धालुओं को भी यह संकल्प लेना चाहिए कि पूजन सामग्री को नर्मदा में प्रवाहित करने के बजाय निर्धारित स्थान पर ही रखें।”
डॉ. प्रोफेसर ईरा वर्मा (प्राचार्य,नर्मदा महाविद्यालय)

अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले प्रमुख सदस्य।

इस स्वच्छता महाअभियान को सफल बनाने में समाज के गणमान्य नागरिकों और मातृशक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई,विशेष सहयोग,विजय वर्मा (सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी),अभय वर्मा (नगर पालिका उपाध्यक्ष), केशव वर्मा(समाजसेवी)।मातृशक्ति से ऋषिकेश श्रीवास्तव,सुमन वर्मा, मंजूला श्रीवास्तव,ममता तिवारी,प्रीति खरे,रितु श्रीवास्तव,प्रिया श्रीवास्तव जानकी,सुनीता श्रीवास्तव, आनीता वर्मा,जानकी अदिति वर्मा।सहयोगी सदस्य:सुनील राय,राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव,लालता आदित्य,मौजूद रहे।

Similar Posts

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
error

Enjoy this blog? Please spread the word :)