ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
देशभर में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बीच नर्मदापुरम में व्यापारियों ने UPI ट्रांजेक्शन पर संभावित या अतिरिक्त शुल्क (चार्जेस) लगाए जाने के विरोध में कड़ा रुख अपनाया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के आह्वान और व्यापारी महासंघ के सहयोग से जिलेभर में ‘नो UPI डे’ मनाया गया।इस विरोध प्रदर्शन के तहत शहर के व्यापारियों ने अपनी दुकानों पर लगे क्यूआर (QR) कोड को काले कपड़े से ढक दिया और दिनभर डिजिटल भुगतान लेने से इनकार करते हुए केवल नकद (कैश) लेनदेन किया।
डिजिटल इंडिया की मुहिम को झटका।
व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष महेंद्र चौकसे ने विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार और संबंधित संस्थाओं को आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा:
“देश को कैशलेस और ‘डिजिटल इंडिया’बनाने में छोटे व्यापारियों की सबसे अहम भूमिका रही है। ऐसे समय में UPI लेनदेन पर चार्ज थोपना व्यापारी और आम उपभोक्ता—दोनों के साथ सरासर अन्याय है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह शुल्क वापस नहीं लिया गया,तो डिजिटल व्यवस्था प्रभावित होगी, लोग पुनःनकदी की ओर लौटने को मजबूर होंगे और व्यापारी आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे।
प्रमुख संगठनों और पदाधिकारियों की रही सक्रिय मौजूदगी।
व्यापारी महासंघ के मीडिया प्रभारी ज़ाकिर खान ने बताया इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने में नर्मदापुरम के कई प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने एकजुटता दिखाई।विरोध दर्ज कराने वालों में मुख्य रूप से शामिल रहे:
1-कैट (CAIT): राजकुमार खंडेलवाल (वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष)
2- चैंबर ऑफ कॉमर्स: देवेंद्र गिल्ला, अनिल अग्रवाल (जिला अध्यक्ष)
3- टाइल्स एवं मार्वल एसोसिएशन:उदित द्विवेदी (अध्यक्ष)
4-जिला लघु उद्योग संघ: गौरव सेठ,
5-रेडीमेड होजरी थोक विक्रेता संघ:अजय रत्नानी,गोविंद मूलचंदानी (अध्यक्ष)
6-व्यापारी कल्याण महासंघ: महेंद्र चौकसे (अध्यक्ष)
7- प्लाईवुड एवं हार्डवेयर संघ: नूतन अग्रवाल (अध्यक्ष),सुरेश मखीजा, सोनू अग्रवाल,के.के. चौकसे
8-पीली गुमटी व्यापारी संघ: धर्मेंद्र सनकत (अध्यक्ष)
विशेष रूप से उपस्थित रहे।

