ताज ख़ान
इटारसी //
जापान को पटखनी देकर अंडर-18 एशिया कप हॉकी जीतने वाली टीम इंडिया जब वतन लौटी,तो नर्मदापुरम जिले का सीना 56 इंच का हो गया।वजह थी इस ऐतिहासिक जीत के 3 असली हीरो गाज़ी खान, अंश बहुतरा और महक परिहार अपनी ही माटी के लाल हैं।
माटी के लालों ने रचा इतिहास।
1.गाज़ी खान और अंश बहुतरा: पुरुष टीम में दमदार खेल दिखाकर जापान की हॉकी ध्वस्त कर दी
2.महक परिहार:महिला टीम की शान,जिसने विदेशी धरती पर नर्मदापुरम का नाम रोशन किया इन तीनों सितारों के जिले में कदम रखते ही हॉकी नर्मदापुरम (इटारसी) ने सम्मान समारोह रख दिया।
कोच की तपस्या रंग लाई।
इटारसी की इस उपलब्धि के पीछे कोच कन्हैया गुरयानी की सालों की मेहनत और कड़ी तपस्या शामिल है।संसाधनों की कमी,ग्राउंड की दिक्कत सैकड़ों दिक्कतों के बावजूद उनकी तपस्या ने इटारसी को दुनिया भर में गौरवान्वित कर दिया।आज उनके शिष्य एशिया कप लेकर लौटे हैं।
परिषद ने बढ़ाया हौसला।
म.प्र. मुस्लिम विकास परिषद ने इस मौके को यादगार बना दिया। ज़िला अध्यक्ष हाजी मोहम्मद अथर ख़ान के नेतृत्व और ज़िला उपाध्यक्ष इमाम शाह की अगुवाई में परिषद ने तीनों खिलाड़ियों और कोच गुरयानी को सम्मान पत्र देकर सम्मान से नवाज़ा।
इन्होंने कहा।
इस मौके पर हाजी मोहम्मद अथर खान ने कहा गाज़ी, अंश और महक ने साबित कर दिया कि नर्मदापुरम चैंपियन पैदा करता है।हम चाहते हैं हमारे जिले से और होनहार बच्चों को मौका मिले।परिषद हर होनहार खिलाड़ी के साथ खड़ी है।
कौन-कौन रहा मौजूद:
समारोह में नगर अध्यक्ष शेख रमज़ान,महा सचिव शेख शकील,सचिव इमरान राजा,मीडिया प्रभारी तौसीफ खान,अकरम खान,नर्मदापुरम नगर अध्यक्ष अनस बैग समेत परिषद के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे। सबने कहा “कोच गुरयानी की मेहनत और इन बच्चों की लगन ही असली जीत है।”
खास बात:
पहली बार जिले के 3 खिलाड़ी एक साथ एशिया कप जीतकर लौटे हैं।अब इनकी नजर ओलंपिक पर है।










