
गुरुमखेड़ी में धान के बीज को लेकर किसानों ने उठाए सवाल, एसडीएम को सौंपा जन-सुनवाई आवेदन
सोहागपुर। तहसील क्षेत्र के ग्राम गुरुमखेड़ी के किसानों ने वर्ष 2026 की धान फसल के बीज को लेकर गंभीर शिकायत करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सोहागपुर को जन-सुनवाई के दौरान आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।
किसानों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने इस वर्ष अपने खेतों में धान की फसल बोई थी। शिकायत के अनुसार धान का बीज गांव निवासी राधेश्याम पटेल के माध्यम से आईटीसी के एफपीओ के अंतर्गत प्राप्त किया गया था। किसानों का कहना है कि जब बीज की राशि के बिल की मांग की गई तो उन्हें भौखेड़ी कलां फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शोभागपुर रोड, भौखेड़ी कलां के नाम से कच्चे बिल उपलब्ध कराए गए।
किसानों ने आवेदन में दावा किया है कि उन्हें उपलब्ध कराया गया धान का बीज पी-1 धान नहीं था, बल्कि किसी अन्य किस्म का बीज था। किसानों के अनुसार खेत में बोवनी के बाद फसल की गुणवत्ता बेहद खराब दिखाई दे रही है। उनका आरोप है कि फसल में दाने नहीं आ रहे हैं और इससे उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका है।
आवेदन में किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम पर धान के बिल तैयार किए गए, जबकि उनके अनुसार उन्होंने संबंधित धान की बिक्री नहीं की है। किसानों ने पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि उनके नाम पर किस प्रकार के बिल बनाए गए और धान की खरीदी-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड में क्या दर्ज किया गया है।
ग्राम गुरुमखेड़ी के किसानों ने एसडीएम से मांग की है कि उनके खेतों में बोई गई धान की फसल एवं बीज की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित कंपनी, बीज उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति तथा अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
किसानों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितता या धोखाधड़ी की पुष्टि होती है तो प्रभावित किसानों को उनके नुकसान की भरपाई दिलाई जाए। 22 सितंबर 2026 को दिए गए आवेदन पर किसानों ने प्रशासन से शीघ्र जांच की मांग की है।
नोट: खबर में लगाए गए आरोप किसानों के आवेदन में किए गए दावों पर आधारित हैं। संबंधित कंपनी/व्यक्ति का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।
