ताज ख़ान
इटारसी//
वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (मुख्य शाखा) के बढ़ते जनाधार और पदाधिकारियों की बढ़ती लोकप्रियता से बौखलाए विरोधी संगठनों एवं संगठन के ही कुछ निष्क्रिय तत्वों द्वारा एक घिनौनी साजिश रचने का मामला सामने आया है। संघ के सहसचिव सौरव गुप्ता एवं युवा पदाधिकारी (ETI विभाग)दुर्गेश मोरे की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए एडिट की गई फर्जी व अश्लील तस्वीरों को इंदौर और भोपाल के समाचार पत्रों में द्वेषपूर्ण तरीके से प्रकाशित कराकर उनकी सामाजिक व मानसिक छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है।दोनों ही पीड़ित रेल कर्मचारियों ने इस संपूर्ण मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फर्जी एआई तकनीक (AI) से रची गई साजिश।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,गत 22 जुलाई को इंदौर के लोक स्वामी’ एवं भोपाल के’प्रज्ञा परखी ‘समाचार पत्रों में सौरव गुप्ता एवं दुर्गेश मोरे की एआई (AI) द्वारा निर्मित कथित नग्न तस्वीरें सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी तरीके से प्रकाशित करवाई गईं।
सौरव गुप्ता (सहसचिव) का कहना:
“रेलवे कर्मचारियों के बीच हमारी सक्रियता,बढ़ती लोकप्रियता और संगठन के प्रति अटूट विश्वसनीयता से घबराकर विरोधियों ने यह घिनौनी हरकत की है।यदि संगठन के कार्यों के दौरान हमसे कोई त्रुटि हुई हो,तो हमारे वरिष्ठ पदाधिकारी जो सज़ा देंगे वह हमें सहर्ष स्वीकार है।लेकिन इस तरह अश्लील फोटो बनाकर समाचार पत्रों में छपवाना सीधे तौर पर हमारी व्यक्तिगत और सामाजिक छवि को धूमिल करने की आपराधिक साजिश है।”
कानूनी कार्रवाई:50 लाख रुपये का मानहानि नोटिस जारी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक शर्मा के माध्यम से दोनों समाचार पत्रों के संवाददाताओं और ब्यूरो चीफ को विधिक (लीगल)नोटिस भेजा जा रहा है।इसके साथ ही 50 लाख रुपये का मानहानि का दावा भी किया गया है।
वहीं,दुर्गेश मोरे ने इसे गंभीर षड्यंत्र बताते हुए ‘अनुसूचित जाति कल्याण अधिकार’के तहत मामले की सूक्ष्मता से जांच कराने की मांग उठाई है।
दुर्गेश मोरे ने व्यथित होकर कहा:
“विरोधी तत्वों की इस हरकत से हमें अपूरणीय सामाजिक और मानसिक क्षति पहुंची है।स्थिति यह है कि हम रेलवे में साथी कर्मचारियों के सामने जवाब देने में असहज महसूस कर रहे हैं।निष्पक्ष जांच से ही दोषियों का चेहरा बेनकाब होगा।”
इटारसी मीडिया का आभार और फर्जी खबरों का खंडन करने का निवेदन।
पीड़ित पदाधिकारियों ने इटारसी की स्थानीय जागरूक मीडिया की परिपक्वता की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय पत्रकारों ने बिना सत्यता जांचे इस फर्जी खबर को जगह नहीं दी।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी लड़ाई आपसी संगठनों के वर्चस्व और जलन से ग्रसित होकर रची गई है,जिसमें कुछ अंदरूनी निष्क्रिय साथियों की भी मिली भगत है।सौरव गुप्ता एवं दुर्गेश मोरे ने इटारसी के समस्त मीडिया जगत (प्रिंट व डिजिटल)से नम्र निवेदन किया है कि इंदौर और भोपाल से प्रकाशित भ्रामक व ग़लत खबरों का आधिकारिक खंडन प्रकाशित किया जाए।
न्याय की अपील:
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में सच को सामने लाकर निर्दोष रेल कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाए।
प्रमुख बिंदु एक नज़र में:
आरोप:
एआई(AI)तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी अश्लील तस्वीरें बनाई गईं।
दोनों समाचार पत्रों को 50 लाख रुपये का लीगल मानहानि नोटिस जारी किया जाएगा।अनुसूचित जाति कल्याण अधिकार एवं उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच का निवेदन किया है।
अपील:
इटारसी मीडिया द्वारा खबरों का आधिकारिक खंडन एवं निष्पक्ष पत्रकारिता का समर्थन करने का आग्रह किया है।

