ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
लेखिका रेखा रतनानी ‘शिवनंदनी’ का नर्मदापुरम के समृद्ध इतिहास पर आधारित विशेष शोध ग्रंथ(history book)’नर्मदापुर से नर्मदापुरम तक’सफलता और लोकप्रियता के नित नए आयाम गढ़ रही है। इस पुस्तक को मिल रहे अपार जनसमर्थन के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष पत्रकार वार्ता में लेखिका ने पुस्तक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा किया और नर्मदापुरम की ऐतिहासिक धरोहर पर विस्तृत चर्चा की।
गौरव गाथा,इतिहास,सांस्कृतिक विरासत:
पत्रकारों को संबोधित करते हुए लेखिका रेखा रतनानी ने बताया कि ये उनकी पाँच वर्षों की तपस्या है। जिसमें उन्होंने बेहद संघर्षशील यात्रा कर एक एक स्मृति को संजोया है।यह मात्र एक कहानी नहीं,बल्कि नर्मदापुरम की अमर गौरव गाथा है।
इसमें यहाँ की पावन माटी के इतिहास,सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्र को नई पहचान देने वाली महान शख्सियतों के योगदान को बहुत ही जीवंत और प्रामाणिक ढंग से पिरोया गया है।वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि”नर्मदापुर से नर्मदापुरम”तक का यह सफर यहाँ की लोक-संस्कृति और जन-भावनाओं का प्रतिबिंब है।पाठकों से मिल रहे स्नेह ने यह सिद्ध कर दिया है कि अपनी जड़ों और इतिहास को जानने की उत्सुकता आज भी हर दिल में जीवित है।
इतिहास और गौरव गाथा का जीवंत दस्तावेज़:
‘नर्मदापुर से नर्मदापुरम तक’की लोकप्रियता चरम पर।पत्रकार वार्ता में लेखिका रेखा रतनानी ‘शिवनंदनी’ ने उजागर किए इस शोध ग्रंथ के खास पहलू।नर्मदापुरम की सांस्कृतिक विरासत और विशेष व्यक्तित्वों की गाथा बयां करती है।
नर्मदापुरम!
साहित्यिक जगत में इन दिनों लेखिका रेखा रतनानी ‘शिवनंदनी’ का चर्चित शोध ग्रंथ’नर्मदापुर से नर्मदापुरम तक’लोकप्रियता की नई इबारत लिख रहा है। शनिवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान लेखिका ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए इस ऐतिहासिक उपन्यास के विभिन्न पहलुओं और इसकी लेखन यात्रा पर प्रकाश डाला।रेखा रतनानी ने चर्चा के दौरान बताया कि इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य नर्मदापुरम के प्राचीन इतिहास,यहाँ के गौरवशाली अतीत और इस पावन धरा से जुड़ी उन विशेष विभूतियों को प्रकाश में लाना है,जिन्होंने इस क्षेत्र को समृद्ध बनाया।पाठकों द्वारा इस कृति को सराहा जाना नर्मदापुरम की ऐतिहासिक धरोहर के प्रति उनके अगाध प्रेम को दर्शाता है।



