ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
माखन नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मांगरोल में सनसनी खेज तरीके से महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतिका पर धारदार हथियार से हमला करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
11 सितंबर 2026 को ग्राम मांगरोल निवासी आशाबाई पति लीलाधर यादव का शव सांगाखेड़ा कला रोड के पास खेत के निकट संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतिका के पति की सूचना पर माखन नगर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और फॉरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की परिस्थितियों से स्पष्ट हुआ कि महिला की किसी धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या की गई है।इस पर थाना माखन नगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन!
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम, साईंकृष्णा एस.थोटा (IPS) ने त्वरित खुलासे और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।वरिष्ठ अधिकारियों
के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक कंचनसिंह ठाकुर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
इस तरह हुआ खुलासा और गिरफ्तारी!
पुलिस टीम ने ग्राम मांगरोल और आसपास के क्षेत्र में सघन निगरानी की। मृतिका की दिनचर्या,पूर्व गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों की बारीकी से जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय पूछताछ के आधार पर राजेश उर्फ मटरू पिता रामस्नेही यादव (उम्र 48 वर्ष, निवासी ग्राम मांगरोल) की भूमिका संदिग्ध पाई गई।कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।पुलिस जांच में सामने आया कि:
आरोपी और मृतिका के बीच पहले से परिचय था और दोनों के बीच आपसी संबंधों को लेकर विवाद चल रहा था।मृतिका आरोपी से रुपयों की मांग करती थी और न देने पर उसे कानूनी मामलों में फंसाने की धमकी देती थी।घटना वाले दिन सुबह दोनों के बीच पुन विवाद हुआ। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने अपने घर से धारदार हथियार (चाकू) लाकर रास्ते में मृतिका पर पेट,छाती और पैरों पर ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।पुलिस ने आरोपी राजेश उर्फ मटरू को दिनांक 13 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही जिनमें प्रमुख अधिकारी:थाना प्रभारी निरीक्षक कंचनसिंह ठाकुर,उनि.आकाशदीप पचाया,उनि.अशोक वरबडे,सउनि. गोपाल पाल,प्रधान आरक्षक व आरक्षक: प्र.आर. 560 तरुण चंदेल,प्र.आर. 06 सुनील नागले,प्र.आर. 349 हरीश मालवीय, आर. 626 शुभम राय, आर. 795 रविन्द्र,म.आर. 939 सलोनी खोरे, म.आर. 959 स्वाति।
साइबर सेल टीम से आरक्षक संदीप यदुवंशी, प्रशांत राजपूत,सागर कुशवाहा का सराहनीय योगदान रहा।

