ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
मुद्दतों बाद आम नागरिकों की परेशानियों और उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों को समझते हुए नर्मदापुरम पुलिस ने अब कानफोडू डीजे संचालकों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। पुलिस अधीक्षक साईंकृष्णा एस. थोटा के मार्गदर्शन, एसडीओपी जितेंद्र पाठक और कोतवाली टीआई गौरव सिंह बुंदेला के नेतृत्व में पुलिस ने एक विशेष अभियान छेड़ते हुए तेज आवाज में बजने वाले डीजे पर नकेल कसना शुरू कर दी है।
डॉक्टरों ने की कार्रवाई की सराहना।
अत्यधिक तेज ध्वनि (कानफोडू डीजे) से छोटे बच्चों,बुजुर्गों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। नर्मदापुरम के जाने-माने सर्जन डॉ.अतुल सेठा और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज साहू ने पुलिस की इस पहल का दिल से स्वागत किया है।
__चिकित्सकों का कहना है।__
तेज आवाज से हृदय गति धीमी होने और हृदय रोग उभरने की आशंका लगातार बढ़ती है।
बच्चों के कोमल कानों और मानसिक विकास पर इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा है।ध्वनि प्रदूषण के कारण आमजन के साथ-साथ बेजुबान मवेशी भी खासे परेशान होते हैं।
समझाइश बेअसर,तो पुलिस ने की सख्त कार्रवाई।
आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने पूर्व में शांति समिति की बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में डीजे संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी गई थी कि वे निर्धारित ध्वनि-मानकों और समय-सीमा का ही पालन करें तथा बिना अनुमति डीजे न बजाएं।
लेकिन इन चेतावनियों को दरकिनार कर रविवार रात्रि गश्त के दौरान थाना कोतवाली पुलिस को सतरस्ता के पास मेन रोड (नर्मदापुरम) पर एक डीजे वाहन (क्रमांक MP 04 YP 0630) अत्यधिक तेज ध्वनि में बजता हुआ मिला।की गई कानूनी कार्रवाई के तहत वाहन एवं सामग्री जप्त की,पुलिस ने मौके पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डीजे वाहन और उसमें लगा पूरा साउंड सिस्टम जप्त कर लिया।
अपराध पंजीबद्ध:
डीजे संचालक ललित वर्मा (पिता कमल किशोर वर्मा, उम्र 25 वर्ष,निवासी- विक्रम नगर, रसूलिया, नर्मदापुरम) के विरुद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 858/2026 और धारा 15 मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
पुलिस की आमजन एवं संचालकों से अपील।
सिटी पुलिस ने नागरिकों की भावनाओं को तरजीह देते हुए अपील की है कि आगामी त्योहारों को शांति,सद्भाव और भाईचारे के साथ मनाएं। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग केवल सक्षम प्राधिकारी की अनुमति,तय समय-सीमा और स्वीकृत ध्वनि-स्तर के भीतर ही किया जाए।नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
बड़ा सवाल।
पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से डीजे संचालकों में हड़कंप मच गया है,वहीं आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है।हालांकि, लोगों के मन में अब यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या यह सख्त कार्रवाई पूरे जिले में निरंतर जारी रहेगी या सिर्फ जिला मुख्यालय तक ही सीमित रहकर रह जाएगी?

