नैनीताल : माँ नन्दा सुनन्दा पहुँची अपने मायके। सैकड़ों की संख्या में माँ के भक्त ब्रह्म मुहूर्त से लगातार कर रहे हैं दर्शन। मैया के जयकारों से गुज रही है सरोवर नगरी।23 सितंबर को माँ जायेगी अपने ससुराल।

नैनीताल : माँ नन्दा सुनन्दा पहुँची अपने मायके। सैकड़ों की संख्या में माँ के भक्त ब्रह्म मुहूर्त से लगातार कर रहे हैं दर्शन। मैया के जयकारों से गुज रही है सरोवर नगरी।23 सितंबर को माँ जायेगी अपने ससुराल।

रिपोर्ट। ललित जोशी।
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल व उसके आसपास तमाम क्षेत्रों में माँ नन्दा सुनन्दा की भव्य मूर्ति बना कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखी गई है। बताया जाता है कि माँ नन्दा सुनन्दा मैया आजकल अपने मायके आयी हुई है। ब्रह्म मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा के साथ सैकड़ों की संख्या में माँ के भक्तों ने माँ के जयकारों के साथ साथ पूजा अर्चना की तथा माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान माँ नैना देवी मंदिर को विधुत लड़ियों व झालरों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। साथ ही पाषाण देवी मंदिर, गोल्ज्यू देवता मंदिर, शिव शंकर मंदिर, एवं शनि देव मंदिरों को भी भव्य रूप से सजाया गया है। इसके अलावा गुरुद्वारा, मस्जिद व चर्च समेत
पूरे सरोवर नगरी को भी विधुत लड़ियों सजाया गया है।
ब्रह्म मुहूर्त से ही माँ के भक्तों की अपार भीड़ देखने को मिल रही है।
इसके बाद माँ को माँ नयना देवी मंदिर परिसर में विराजमान कर दिया गया और देश-दुनिया से दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए माँ का दरबार खोल दिया गया। माँ के दर्शन कर भक्तों ने जयकारे लगाए और सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की।

माँ नंदा-सुनंदा के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी।

मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और ‘जय माँ नंदा’, ‘जय माँ सुनंदा के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर माँ के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।

कदली वृक्ष लाने के साथ शुरू हुआ था महोत्सव
नैनीताल का ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव बीती 16 सितंबर को कदली वृक्ष लाने वाली टोली के रवाना होने के साथ शुरू हुआ था। जिसका शुभारंभ पूर्व रक्षा राज्य मंत्री एवं सांसद नैनीताल अजय भट्ट व नैनीताल विधायक सरिता आर्या समेत श्री राम सेवक सभा के सदस्यों व आला अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से किया। उसी दिन मेले का भी उदघाटन किया गया।

श्री राम सेवक सभा की ओर से भक्तों की टोली को माँ नंदा-सुनंदा की प्रतिमा निर्माण में उपयोग होने वाले कदली वृक्ष लेने के लिए विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रवाना किया गया था।

इसके बाद टोली 17 सितंबर को कदली वृक्ष लेकर नैनीताल वापस लौटी, जहां श्रद्धालुओं और आयोजकों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। कदली वृक्षों को माँ की प्रतिमा निर्माण स्थल तक पहुंचाने के बाद कलाकारों और श्रद्धालुओं की देखरेख में माँ नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं का निर्माण शुरू किया गया।

पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल तरीके से तैयार हुई प्रतिमाएं

माँ नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं को पारंपरिक स्वरूप के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ईको फ्रेंडली तरीके से तैयार किया गया है। प्रतिमा निर्माण में कदली वृक्ष, बाँस, घास, रूई, कपड़े तथा प्राकृतिक रंगों समेत अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।
नैनीताल में आयोजित होने वाला यह महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ ही कुमाऊं की लोक परंपरा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण की भावना को भी प्रदर्शित करता है।

चारों पहर होगी माँ की पूजा-अर्चना प्राण प्रतिष्ठा के बाद माँ नंदा-सुनंदा के दरबार में अगले कई दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहेगा। श्रद्धालु चारों पहर माँ की पूजा और दर्शन कर सकेंगे। महोत्सव के दौरान नैनीताल समेत आसपास के क्षेत्रों और दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

माँ नंदा को कुमाऊं और विशेष रूप से पर्वतीय समाज की आराध्या देवी के रूप में विशेष श्रद्धा प्राप्त है। मान्यता के अनुसार माँ नंदा चंद्रवंशीय राजाओं की कुलदेवी भी रही हैं। यही कारण है कि माँ नंदा-सुनंदा के प्रति लोगों की आस्था पीढ़ियों से जुड़ी हुई है। 23 सितंबर को होगा माँ का नगर
भ्रमण और विसर्जन माँ नंदा-सुनंदा के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद महोत्सव के अंतिम चरण में माँ की भव्य विदाई की जाएगी। 23 सितंबर को माँ नंदा-सुनंदा की शोभायात्रा नगर भ्रमण करेगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। नगर भ्रमण के बाद माँ की प्रतिमाओं का नैनीझील में विधि-विधान के साथ विसर्जन किया जाएगा। महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में झूले, मौत का कुँआ, समेत दर्जनों दुकानें लगी हुई है जहां जरूरत का समान खरीदने वालों का तांता लगा हुआ है।माँ श्री नन्दा सुनन्दा महोत्सव को सफल बनाने के लिए जगह जगह पुलिस मुस्तेद नजर आ रही है। किसी भी उधम मचाने वाले उपद्रवियों को छोड़ा नहीं जायेगा। जिला एवं पुलिस प्रशासन ने माँ के सभी भक्तों से अपील की है शांति व्यवस्था बनाये रखें अगर कोई परेशानी है तो पुलिस से सम्पर्क करें। इसके लिए मेले परिसर में पुलिस की व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटक भी माँ नन्दा सुनन्दा के दर्शन कर रहे हैं और मैया का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। बताया जाता है जब यहाँ मां सती के नयन गिरे हुए थे इसी कारण इसका नाम पूर्व में नयन ताल रखा गया था अब जिसको नैनीताल के नाम से जाना जाता है । जिसका पूरा नाम हिंदुस्तान में विख्यात है।

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