ताज ख़ान
नर्मदापुरम //
नर्मदापुरम संभाग में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों को लेकर संभागायुक्त श्रीकांत बनोठ ने प्रशासनिक अमले को सक्रिय कर दिया है। बुधवार को गूगल मीट के माध्यम से आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने हरदा और बैतूल जिलों के कलेक्टरों को अभियान की रूपरेखा और इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्देश।
1. जनसहभागिता और जवाबदेही पर जोर:संभागायुक्त श्री बनोठ ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में अभियान के तहत अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। सभी कार्यक्रमों की पूर्व तैयारी और बेहतर समन्वय पर बल देते हुए उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय करने के निर्देश दिए ताकि हर कोई अपनी जवाबदेही निभा सके।
2. रक्तदान शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार।अभियान के तहत आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं,संभाग के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे।रक्त संग्रह,सुरक्षित परिवहन और स्टोरेज के लिए पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।शिविरों में आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
3. पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का त्वरित लाभ:संभागायुक्त ने मैदानी स्तर के अधिकारियों को पूरी तरह सक्रिय रहने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान का मुख्य उद्देश्य पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना और उसका त्वरित लाभ दिलाना होना चाहिए।
4. जन आंदोलन का रूप लेगा अभियान:कार्यक्रमों में शामिल होने वाले प्रतिभागियों के लिए आवागमन,भ्रमण और भोजन की चाक-चौबंद व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर उन्हें कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा ताकि इस पहल को एक ‘जन आंदोलन’ का स्वरूप दिया जा सके।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति।
संभागीय कार्यालय नर्मदापुरम से संयुक्त आयुक्त नवल मीना, डीसीआर सुश्री सुनीता खंडायत,नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन,सहित अन्य प्रमुख अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।वहीं, बैतूल और हरदा जिलों के कलेक्टर वर्चुअल माध्यम (गूगल मीट) से बैठक में शामिल हुए।
मैदानी अमले पर रहेगी नज़र।
सितंबर से शुरू होने वाला यह एक महीने का अभियान संभाग के विकास और जनसेवा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है,बशर्ते मैदानी अमला इसे पूरी ईमानदारी से लागू करे।

