ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
भगवान के दरबार में गुंडागर्दी,आरती की तैयारी कर रहे पुजारी परिवार को धमकाया।नर्मदापुरम के सुभाष चौक स्थित ऐतिहासिक राधाकृष्ण मंदिर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है।यहां पिछले 25 वर्षों से निष्ठापूर्वक सेवा दे रहे बुजुर्ग पुजारी और उनके परिवार के साथ मंदिर के भीतर घुसकर बदसलूकी की गई। मंदिर के ट्रस्टी और उनके गुर्गों ने न सिर्फ गाली-गलौज की,बल्कि महिला के हाथ से पूजा की थाली तक छीन ली।जब पुजारी ने अपने हक के पैसे मांगे,तो उन्हें झूठे केस में फंसाने और जान से खत्म करने की खुली धमकी दी गई।इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शहर में भारी आक्रोश है।
सालों का वेतन बकाया,मंदिर के जीर्णोद्धार के 10 लाख रुपये भी डकारे।
पीड़ित पुजारी सुरेश शर्मा ने कलेक्टर सोमेश मिश्रा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अभिषेक राजन को दिए गए शिकायती आवेदन में सनसनीखेज खुलासे किए हैं।ट्रस्टी श्रीराम अग्रवाल द्वारा पिछले 3 से 4 वर्षों का करीब 5 लाख रुपये का वेतन रोक लिया गया है।
निजी खर्चों का भुगतान गायब।
पुजारियों का आरोप है कि उन्होंने अपने खुद के पैसों से मंदिर का जीर्णोद्धार कराया, जिसमें लगभग 6 लाख रुपये खर्च हुए। इसके अलावा पिछले कई सालों से बिजली का बिल और प्रमुख पर्वों के धार्मिक अनुष्ठानों का लगभग 10 लाख रुपये का खर्च उन्होंने अपनी जेब से उठाया, जिसे ट्रस्टी देने से लगातार कतरा रहे हैं।
खाकी की कार्यप्रणाली पर सवाल,थाने में नहीं सुनी गई फरियाद।
घटना के समय जब पुजारी अपनी पत्नी,पुत्र अभिषेक,भतीजे दिनेश और भाई की पत्नी के साथ आरती की तैयारी कर रहे थे, तभी ट्रस्टी श्रीराम अग्रवाल अपने साथियों मुकेश,संदीप गौर, राहुल पटेल और अन्य लोगों के साथ मंदिर में घुसे और तांडव मचाया।पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष के रसूख और राजनीतिक प्रभाव के चलते कोतवाली थाने में उनकी रिपोर्ट दर्ज तक नहीं की गई,मजबूरन न्याय के लिए पीड़ित परिवार को कलेक्टर और एएसपी की शरण में जाना पड़ा।
प्रशासनिक महकमे का पक्ष।
इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है।हमने थाना प्रभारी कोतवाली को निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं।साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई पीड़ित परिवार को परेशान न करे।जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभिषेक राजन,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,नर्मदापुरम।
भगवान की सेवा करने वाले एक बुजुर्ग पुजारी परिवार के साथ इस तरह की दबंगई और मारपीट ने शहर के तथाकथित धार्मिक ठेकेदारों का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है।अब देखना यह है कि प्रशासन सिर्फ जांच का झुनझुना थमाता है या इन दबंगों पर कोई ठोस कानूनी डंडा चलता है।

