दीपावली की तारीखों के वैज्ञानिक और खगोलीय पैटर्न,आखिर क्यों बार-बार बदलती है दीपावली की तारीख-सारिका घारू ।

ताज ख़ान
नर्मदापुरम//

हर साल जब भी त्योहारों का मौसम आता है,तो एक सवाल हर किसी के मन में उठता है,इस बार दिवाली अक्टूबर में है या नवंबर में ।  साल 1986 से लेकर आगामी 2036 तक के डेटा का विश्लेषण करें, तो दीपावली की तारीखों में एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक और खगोलीय पैटर्न नजर आता है । नेशनल अवॉर्ड प्राप्‍त  विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने 51 सालों के  कालखंड का गणितीय और खगोलीय विश्लेषण करते हुए कुछ बेहद रोचक तथ्य सामने रखे हैं।

सारिका घारू के विश्लेषण के अनुसार,1986 से 2036 के बीच कुल 51 दीपावली में से कुल 26 बार दीपावली अक्टूबर के महीने में तथा 25 बार नवंबर के महीने में आ रहा है।यह डेटा दिखाता है कि दोनों महीनों के बीच का अनुपात लगभग 50-50% का है, जो हमारे कैलेंडर की सटीकता को दर्शाता है।सारिका बताती हैं कि इन 50 सालों में सबसे जल्दी दीपावली 17 अक्टूबर को मनाई गई  । इस समय सर्दियों की बस शुरुआत होने को  होती है। इसके साथ ही सबसे देरी से दीपावली 14 नवंबर को पड़ी है । इस समय तक देश के कई हिस्सों में अच्छी गुलाबी ठंड दस्तक दे चुकी होती है।ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारा अंग्रेजी कैलेंडर सूर्य की गति पर आधारित 365 दिन का है , जबकि हिंदू पंचांग चंद्र-सौर गणना पर चलता है। इसका एक वर्ष 354 दिन का होता है ।इसी 11 दिन के अंतर को पाटने के लिए हर तीसरे साल पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिकमास कहते हैं।

11 दिनों का अंतर।

सारिका ने बताया कि  11 दिनों का यह सालाना अंतर और हर तीसरे साल जुड़ने वाला अधिकमास मिलकर एक ऐसा चक्र बनाते हैं, जिससे ठीक 19 साल बाद दीपावली  वापस लगभग उसी तारीख पर लौट आती है। जैसे कि 2001 में दीपावली 14 नवंबर को थी 19 साल बाद 2020 में फिर 14 नवंबर को आई।
दीपावली की तारीखों का यह उतार-चढ़ाव हमारे पर्यावरण से भी जुड़ा है। जब दीपावली अक्टूबर के मध्य में होती है, तो मानसून के तुरंत बाद का समय होने के कारण हवा में नमी होती है और मौसम गर्म होता है। वहीं जब दीपावली नवंबर के मध्य में जाती है, तो उत्तर भारत में कोहरा और ठंड बढ़ने के कारण पटाखों का धुआं स्मॉग का रूप ले लेता है, जो पर्यावरण के लिए एक गंभीर चुनौती बनता है।
सारिका घारू कहती हैं कि दीपावली सिर्फ दीयों का त्योहार नहीं है,बल्कि यह हमारे पूर्वजों के उस बेहतरीन खगोलीय विज्ञान का प्रमाण है,जो चंद्रमा और सूर्य की जुगलबंदी को हमारे जीवन और त्योहारों से जोड़ता है।

वर्ष (Year)

तारीख (Date)

दिन (Day)

1986

01 नवंबर

शनिवार

1987

22 अक्टूबर

गुरुवार

1988

08 नवंबर

मंगलवार

1989

28 अक्टूबर

शनिवार

1990

17 अक्टूबर

बुधवार

1991

05 November

मंगलवार

1992

25 अक्टूबर

रविवार

1993

13 नवंबर

शनिवार

1994

03 नवंबर

गुरुवार

1995

23 अक्टूबर

सोमवार

1996

10 नवंबर

रविवार

1997

30 अक्टूबर

गुरुवार

1998

19 अक्टूबर

सोमवार

1999

07 नवंबर

रविवार

2000

26 अक्टूबर

गुरुवार

2001

14 नवंबर

बुधवार

2002

04 नवंबर

सोमवार

2003

25 अक्टूबर

शनिवार

2004

12 नवंबर

शुक्रवार

2005

01 नवंबर

मंगलवार

2006

21 अक्टूबर

शनिवार

2007

09 नवंबर

शुक्रवार

2008

28 अक्टूबर

मंगलवार

2009

17 अक्टूबर

शनिवार

2010

05 नवंबर

शुक्रवार

2011

26 अक्टूबर

बुधवार

2012

13 नवंबर

मंगलवार

2013

03 नवंबर

रविवार

2014

23 अक्टूबर

गुरुवार

2015

11 नवंबर

बुधवार

2016

30 अक्टूबर

रविवार

2017

19 अक्टूबर

गुरुवार

2018

07 नवंबर

बुधवार

2019

27 अक्टूबर

रविवार

2020

14 नवंबर

शनिवार

2021

04 नवंबर

गुरुवार

2022

24 अक्टूबर

सोमवार

2023

12 नवंबर

रविवार

2024

31 अक्टूबर

गुरुवार

2025

20 अक्टूबर

सोमवार

2026

08 नवंबर

रविवार

2027

29 अक्टूबर

शुक्रवार

2028

17 अक्टूबर

मंगलवार

2029

05 नवंबर

सोमवार

2030

26 अक्टूबर

शनिवार

2031

14 नवंबर

शुक्रवार

2032

02 नवंबर

मंगलवार

2033

22 अक्टूबर

शनिवार

2034

10 नवंबर

शुक्रवार

2035

30 अक्टूबर

मंगलवार

2036

18 अक्टूबर

शनिवार

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