ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
नवरात्रि पर्व के दौरान आयोजित होने वाले गरबा व डांडिया कार्यक्रमों की आड़ में फूहड़ता और सुरक्षा से खिलवाड़ पर अखिल भारत हिंदू महासभा ने कड़ा रुख अपनाया है।जिला नर्मदापुरम इकाई ने पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम को ज्ञापन सौंपकर गरबा आयोजनों में धार्मिक मर्यादा,सनातन संस्कृति और महिलाओं की अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।हिंदू महासभा ने साफ कहा कि नवरात्रि आस्था का महापर्व है,इसे केवल मनोरंजन या व्यावसायिक इवेंट न बनने दिया जाए।
ज्ञापन में प्रशासन से की गई 5 प्रमुख मांगें।
1-अश्लील गानों पर पूर्ण प्रतिबंध:डिस्को और अभद्र गानों के स्थान पर केवल माँ दुर्गा की भक्ति से ओत-प्रोत पारंपरिक गानों को ही अनुमति मिले।
2-आईडी कार्ड से ही एंट्री: संदिग्धों और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए हर प्रतिभागी व दर्शक के पहचान-पत्र (ID) और पास की कड़ी चेकिंग हो।
3-कड़ी सुरक्षा व महिला पुलिस फोर्स:पंडालों और मुख्य द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य हों तथा महिला सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल तैनात किया जाए।
4-नशाखोरी पर सख्त एक्शन:गरबा स्थलों के आसपास शराब,स्मैक या किसी भी प्रकार के नशे पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जाए।
5-पारंपरिक भारतीय परिधान:संस्कृति के सम्मान में शालीन व पारंपरिक पोशाक पहनकर आने वालों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाए।
संगठन की दोटूक।
माँ जगदम्बा की आराधना के इस पवित्र पर्व की पवित्रता भंग नहीं होने दी जाएगी।श्रद्धालुओं को सुरक्षित और मर्यादित माहौल देना प्रशासन और आयोजकों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
यह रहे मौजूद।
ज्ञापन सौंपते समय प्रदेश महामंत्री कन्हैया लाल रैकवार,जिला मीडिया प्रभारी मनोज पुरोहित, जिला संगठन मंत्री जितेंद्र मालवीय,जिला उपाध्यक्ष नितिन बस्तवार, नर्मदापुरम नगर अध्यक्ष गौतम बैरागी,इटारसी नगर उपाध्यक्ष मनोज भाट, युवा नेता मयंक पुरोहित, बृजेश बेलिया,लकी बस्तवार,आकाश बिसोपिया और गुड्डू गौर सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

