ताज ख़ान
नर्मदापुरम //
ईद मिलादुन्नबी के पावन पर्व पर नर्मदापुरम में मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद और नगर पालिका की जुगलबंदी ने एक नया इतिहास रच दिया है।शहर में चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियान और ‘जीरो वेस्ट इवेंट’ की गूंज अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुँच चुकी है। भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय (स्वच्छ भारत अर्बन डिपार्टमेंट) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया (एक्स) पेज पर इस अनूठी पहल की तस्वीरें साझा करते हुए नर्मदापुरम की जमकर प्रशंसा की है।
_केंद्रीय मंत्रालय ने की जनभागीदारी की तारीफ
केंद्रीय मंत्रालय ने अपने आधिकारिक पेज पर लिखा।_
“ईद-मिलादुन-नबी के दौरान नर्मदापुरम ने जनभागीदारी का एक जबरदस्त उदाहरण पेश किया। हज़ारों नागरिक इकट्ठा हुए,जहाँ कम्युनिटी के सदस्यों और लोकल सफाई मित्रों ने मिलकर स्वच्छता श्रमदान किया, जिससे जीरो वेस्ट सेलिब्रेशन बिना किसी रुकावट के संपन्न हुआ।” मंत्रालय ने इसे आम नागरिकों की जागरूकता का एक बेहतरीन प्रतीक बताया है।
कैसे मिली यह बड़ी सफलता?
आमतौर पर पर्व के दौरान जुलूस और स्वागत मंचों पर पानी के पाउच,बोतलें और डिस्पोजेबल सामग्री के कारण सड़कों पर भारी कचरा फैल जाता है। लेकिन इस बार नजारा बिल्कुल अलग था।मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद की पूरी टीम जुलूस के पीछे-पीछे झाड़ू और सफाई उपकरणों के साथ चल रही थी,जिन्हें समाज के वरिष्ठों और नगर पालिका के स्वच्छता मित्रों का पूरा सहयोग मिला। इस जुगलबंदी ने शहर की तस्वीरें बदल कर रखदी इस सुनियोजित तालमेल के कारण जुलूस के बाद शहर की सड़कों पर एक तिनका भी कचरा नजर नहीं आया।
जिम्मेदारों ने क्या कहा!
1:नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने मुस्लिम समाज को बधाई देते हुए कहा कि नागरिकों और हमारे स्वच्छता मित्रों की सहभागिता से यह नायाब उदाहरण पेश हुआ है। केंद्रीय मंत्रालय द्वारा हमारे शहर की तारीफ होना नर्मदापुरम के लिए गर्व की बात है।
2:स्वच्छ भारत अभियान नोडल अधिकारी अनुराग तिवारी ने कहा कि यह इवेंट जन चेतना की बेहतरीन मिसाल है।हमारा प्रयास है कि सभी के मिले-जुले प्रयासों से नर्मदापुरम स्वच्छता के मामले में देश में नंबर 1 बने।
3:परिषद के जिलाध्यक्ष हाजी मोहम्मद अथर खान ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर नगर पालिका को शुभकामनाएं दीं और विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी स्वच्छता अभियान में परिषद पूरी तन्मयता से सहयोग करती रहेगी।
आस्था और कर्तव्य की जुगल बंदी।
नर्मदापुरम की इस प्रेरणादायक पहल ने यह साबित कर दिया है कि यदि आस्था के साथ नागरिक कर्तव्यों को जोड़ दिया जाए,तो समाज और शहर की तस्वीर पूरी तरह बदली जा सकती है।







