ताज खान
नर्मदापुरम//
माँ नर्मदा को निर्मल, अविरल बनाए रखने और उनके ऐतिहासिक वैभव को पुनर्जीवित करने के पवित्र उद्देश्य से नगर में ‘नमामि देवी नर्मदे संस्कार कांवड़ यात्रा’का आयोजन किया जा रहा है।नर्मदा भक्तों,संत समाज,विभिन्न नर्मदा सेवी संगठनों,नगर पालिका और जनपद पंचायत के सहयोग से आयोजित होने वाली यह यात्रा अपने अनूठे स्वरूप और संदेश के कारण आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कावड़ यात्रा की जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश तैराकी संघ अध्यक्ष और युवा नेतृत्वकर्ता पीयूष शर्मा ने पत्रकारवार्ता के माध्यम से जानकारी दी।
दादागुरु का मिलेगा अलौकिक सानिध्य।
श्री शर्मा ने बताया कि इस ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा में संत समाज के प्रमुख मार्गदर्शक दादागुरु का विशेष सानिध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा। यात्रा का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है,बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण,संस्कृति और संस्कारों को सहेजने का एक बड़ा संदेश भी देगी।
पर्यावरण और आस्था का अनूठा संगम,एक हाथ जल,दूसरे में पौधा।
कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता इसका पर्यावरण-प्रेमी स्वरूप है। यात्रा में शामिल शिवभक्त अनूठी पहल करते हुए नजर आएंगे एक कांवड़ में माँ नर्मदा का पवित्र जल होगा,तो दूसरे हाथ में जीवनदायिनी हरियाली का प्रतीक पौधा होगा। यह पहल हर-हर गंगे और हर-हर नर्मदे के उद्घोष के साथ-साथ ‘पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ’ का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाएगी। यात्रा में नगर पालिका नर्मदापुरम, जनपद पंचायत नर्मदापुरम, एवं कई सामाजिक संस्थाओं का विशेष सहयोग मिल रहा है। साथ ही मुस्लिम समाज की तरफ़ से भी यात्रा का स्वागत एवं पौधे दिए जा रहे हैं।
यात्रा का मार्ग और समय।
22 अगस्त 2026 (शनिवार)
समय:दोपहर 2:00 बजे से
प्रारंभ स्थल:विवेकानंद घाट,नर्मदापुरम
समापन: विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए यात्रा काले महादेव मंदिर पर संपन्न होगी।आयोजकों और संत समाज ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमियों,युवाओं और नर्मदा भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में इस भव्य संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल होकर धर्म और पर्यावरण के इस महायज्ञ को सफल बनाने की अपील की है।



