ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
विपक्षी दल कांग्रेस इन दिनों बेहद दिलचस्प अंदाज़ में नज़र आ रही है।पार्टी के नेता लगातार जनहितैषी मुद्दों को उच्च पटल तक पहुंचा कर अपनी उपस्थिति जनता के बीच दर्ज करवा रहे हैं।ऐसा ही एक मुद्दा वसूली भईयों का है जिसे युवक कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोल्डी बेस ने विगत दिनों मुखरता के साथ उठाते हुए,मुद्दे को नर्मदापुरम पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस थोटा के समक्ष ज्ञापन के माध्यम से रखा था।
क्या था ज्ञापन में।



ज्ञापन में श्री बेस ने बताया था कि किस तरह वसूली भाई यानी रिकवरी(recovery) एजेंट पुलिस के साथ सांठ गांठ कर लोगों से पैसा वसूलते हैं और कैसे बेइज्जत करते हैं।उन्होंने ज्ञापन में बताया कि कैसे ये एजेंट बीच सड़क लोगों को प्रताड़ित करते हैं और उनके वाहन छीन लेते हैं।इस विषय को जब पुलिस कप्तान के सामने लाया गया तो अधीक्षक ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को ये आदेश जारी किया है,कि कोई भी इस तरह ज़बरजस्ती करता है तो उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। पुलिस कप्तान ने बाकायदा एक वीडियो को सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचा कर नागरिकों
को जागरूक किया और वसूली भाईयों को कड़ा संदेश दिया है।जिसपर पूर्व अध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक को धन्यवाद प्रेषित किया है।
देखा गया है कि इटारसी नाला मोहल्ला के बड़ी संख्या में युवा विगत कई वर्षों से वसूली करते हुए इटारसी मुख्य मार्गों पर पाए जाते हैं,जो आइडेंटिफाई हैं,अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक का ये आदेश इनपर कितना लागू हो पाएगा या ये महज़ वीडियो बनकर ही रह जाएगा।
याद आए पूर्व कप्तान।
जब बात वसूली भाईयों की होती है तब नर्मदापुरम ज़िले को पूर्व कप्तान डॉ. गुरकरन सिंह बहुत शिद्दत से याद आते हैं।इस मामले में तो वसूली भाईयों से बचाने पुलिस अधीक्षक से निवेदन करना पड़ा है लेकिन जब अतीत के झरोखे में झांकें तो दिखेगा कि,जब तत्कालीन पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने जैसे ही पदभार ग्रहण किया था उन्होंने नर्मदापुरम ज़िले के सभी थानों और पुलिस चौकियों में इन वसूली भाईयों से पीड़ित लोगों के लिए शिविर लगवाकर कई लोगों को बेतहाशा ब्याज के बोझ से बचाया था।ज्ञात हो उसके पहले ये ब्याज खोर हजार के लाख वसूल रहे थे, ब्याज पर ब्याज चढ़ा कर कई लोगों की जान ले ली, कईयों की संपत्ति छुड़ा ली थी,लोग इन ब्याज खोरों से पीड़ित होकर आत्महत्या तक कर लेते थे,जिसपर नकेल कसते हुए पुलिस कप्तान ने हज़ारों ज़िंदगीयाँ बचाई और हज़ारों परिवारों को राहत पहुंचाई थी। हालाकि डॉ. सिंह के जाते ही ये सितम फ़िर शुरू हो चुका है,जिसपर वर्तमान साहब की कोई दिलचस्पी समझ नहीं आई अभी तक।फ़िर भी भला हो पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोल्डी बेस का जिन्होंने ये मुद्दा उठा कर इन सीज़िंग वाले वसूली भाइयों से तो राहत पहुंचाई है।
डायरी वाले डेली कलेक्शन भाई।
इन दिनों शहर सहित पूरे ज़िले में डेली कलेक्शन वाली डायरी चल रही है, जिसके ज़रिये ब्याज त्याज वसूला जा रहा है।तो रही बात डेली डायरी कलेक्शन वाले वसूली भाईयों की,तो हो सकता है दो चार जाने जाएंगी तब शायद कुछ बात बन पाएगी।फ़िलहाल तो पुलिस कप्तान का फरमान सुर्खियों में है, और सोशल मीडिया पर 📈 ट्रेंड कर रहा है।
