ताज ख़ान
इटारसी//
इटारसी रेलवे स्टेशन पर”सेवा ही संकल्प”के नारे को चरितार्थ करते हुए गुरुवार की रात में जीआरपी के जवानों ने जनसेवा का एक अद्भुत और भावुक कर देने वाला नजारा पेश किया। अपनी ड्यूटी के साथ-साथ इंसानियत का फर्ज निभाते हुए जीआरपी ने एक भूखे बुजुर्ग को न सिर्फ सहारा दिया,बल्कि उन्हें सुरक्षित उनके घर के लिए रवाना भी किया।
लाचार हालत में रैंप पर बैठे थे बुजुर्ग।
मिली जानकारी के अनुसार, गश्त के दौरान जीआरपी के जवानों की नजर 12 बंगला तरफ नए पुल के रैंप पर बैठे एक बुजुर्ग पर पड़ी।बुजुर्ग काफी थके हुए और परेशान नजर आ रहे थे।जब जवानों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके पास जाकर पूछताछ की,तो उन्होंने अपना नाम रामनरेश पांडे (उम्र 75 वर्ष),पिता स्वर्गीय श्याम सुंदर पांडे बताया।बताया कि वह बिहार के पटना जिले में बाढ़ थाना अंतर्गत ग्राम पूरा के रहने वाले हैं।
भूख से व्याकुल थे रामनरेश,जवानों ने पेश की इंसानियत की मिसाल।
पूछताछ में बुजुर्ग ने बताया कि उन्हें किसी भी तरह अपने घर पटना पहुंचना है। वह लंबे समय से भूखे-प्यासे थे और चलने की स्थिति में भी नहीं थे।बुजुर्ग की यह दशा देखकर जीआरपी जवानों का दिल पसीज गया।जवानों ने बिना देर किए तुरंत उनके लिए सम्मानपूर्वक भोजन और ठंडे पानी की व्यवस्था की। जब बुजुर्ग की भूख मिटी और उन्हें थोड़ी राहत मिली, तो जवानों ने उन्हें सहारा देकर स्टेशन तक पहुँचाया और पटना जाने वाली ट्रेन में सुरक्षित बैठाया।ट्रेन के सफर के दौरान भी उनके आराम का पूरा ख्याल रखा गया।
वर्दी के पीछे धड़कता है एक संवेदनशील दिल”
जीआरपी की इस त्वरित सहायता और नेकदिली की स्टेशन पर मौजूद अन्य यात्रियों ने भी जमकर सराहना की।लोगों का कहना था कि पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना को और मजबूत करता है।बुजुर्ग रामनरेश पांडे ने भी नम आंखों से जीआरपी के जवानों को ढेर सारा आशीर्वाद और धन्यवाद दिया।

