ताज ख़ान
इटारसी//
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री दिग्विजय सिंह के अयोध्या रामलला मंदिर में ‘चढ़ावा चोरी’ संबंधी बयान पर राजनीति गरमा गई है। नगरपालिका सभापति द्वारा दिग्विजय सिंह पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता गुफरान अंसारी ने तीखा पलटवार किया है। अंसारी ने सभापति के बयान को ‘बचकाना’ और ‘सस्ती लोकप्रियता पाने का हथकंडा’ करार देते हुए कहा कि ‘अधजल गगरी छलकत जाए’ वाली कहावत भाजपा के छोटे नेताओं पर पूरी तरह सटीक बैठती है।गुफरान अंसारी ने जारी बयान में कहा कि जब देश के करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र रामलला के मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर दिग्विजय सिंह जी ने सवाल उठाए,तो वह एक सच्चे रामभक्त की पीड़ा थी।लेकिन सत्ता के अहंकार में डूबे भाजपा के नेता इस पर गंभीर होने के बजाय पैसों की धमक दिखा रहे हैं।सभापति द्वारा 1 लाख 11 हजार रुपये का चेक देने की बात पर तंज कसते हुए अंसारी ने कहा एक सभापति उस राजा को पैसे की धमक दिखा रहा है, जिसके राघोगढ़ महल के राघव जी मंदिर में सदियों से प्रति वर्ष लाखों रुपये के घी और तेल की अखंड ज्योत 24 घंटे जलती है।सभापति की इस मनोदशा पर मुझे एक मशहूर शेर याद आता है,’जो खानदानी रईस हैं वो, मिजाज़ रखते हैं नर्म अपना, तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई-नई है।’
सत्ता और भ्रष्टाचार के नशे में चूर जनप्रतिनिधि
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में भाजपा का छोटे से छोटा जनप्रतिनिधि भी इस समय सत्ता के अहंकार और भ्रष्टाचार की कमाई के नशे में चूर है।उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह जैसी कद्दावर शख्सियत पर उंगली उठाना ‘आसमान की तरफ मुंह करके थूकने’जैसा है, जिससे खुद का ही चेहरा गंदा होता है।अंसारी ने याद दिलाया कि यह वही राघोगढ़ दरबार है,जहां कभी पिछली नगरपालिकाओं और पूर्व मंत्रियों की हाजिरी लगा करती थी।
2 अक्टूबर से अयोध्या पैदल यात्रा’:दी खुली चुनौती।
गुफरान अंसारी ने बयान के माध्यम से विरोधियों को खुली चुनौती देते हुए एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी यात्रा शुरू करेंगे।बाबा महाकाल के दर्शन के बाद उज्जैन से अयोध्या तक यह पैदल यात्रा निकाली जाएगी।
उद्देश्य।
रामलला मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी और करोड़ों सनातनियों की आस्था को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ आवाज उठाना।
खुली चुनौती:
चढ़ावा चोरी और जनता की आस्था से खिलवाड़ का हिसाब तो देना ही होगा। जो लोग आज सस्ती लोकप्रियता के लिए चेक लेकर घूम रहे हैं और चोरों का समर्थन कर रहे हैं, वे 2 अक्टूबर को इस यात्रा में चेक लेकर आएं। राजा (दिग्विजय सिंह) के समर्थक अयोध्या मार्ग पर उन सभी का ‘स्वागत’ करने के लिए पूरी तरह आतुर हैं।

