ताज ख़ान
इटारसी//
कृषि उपज मंडी इटारसी में किसानों की समस्याओं एवं अनियमितताओं को लेकर भारतीय किसान एवं मजदूर सेना ने मंडी सचिव को ज्ञापन सौंपा।भारतीय किसान एवं मजदूर सेना के अध्यक्ष बबलू जाधव के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने कृषि उपज मंडी समिति इटारसी में किसानों को हो रही विभिन्न समस्याओं,अव्यवस्थाओं एवं गंभीर अनियमितताओं के संबंध में मंडी सचिव को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से उठाए गंभीर मुद्दे।
ज्ञापन में बताया गया कि मंडी परिसर में किसानों को मूलभूत सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं,मंडी में आवारा पशुओं का आतंक बना हुआ है,जिससे किसानों की उपज को नुकसान पहुंच रहा है,तथा किसान पूरी रात अपनी फसल की सुरक्षा के लिए पहरा देने को मजबूर हैं। किसानों के लिए बनाए गए शेडों पर व्यापारियों द्वारा अनाज की बोरियां रखकर कब्जा कर लिया गया है,जिससे किसानों को अपनी उपज रखने एवं धूप-बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल रहा है।भारतीय किसान एवं मजदूर सेना ने मंडी परिसर में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त शेडों की मरम्मत,टूटे हुए प्लेटफॉर्मों का सुधार,नए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।संगठन ने आरोप लगाया कि मंडी अभिलेखों में सुरक्षा गार्डों की संख्या अधिक दर्शाई गई है,जबकि वास्तविक रूप से सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर दिखाई देती है।मंडी परिसर में शराब की खाली बोतलें मिलने से असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी व्यक्त की गई है।ज्ञापन में किसानों के लिए शुद्ध पेयजल व्यवस्था,बंद पड़े हैंडपंपों को चालू कराने,नालियों एवं मंडी परिसर की नियमित सफाई,बंद पड़े सुलभ शौचालयों को शुरू करने तथा किसान भवन को रात्रिकाल में किसानों के उपयोग हेतु खुला रखने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।संगठन ने किसानों के लिए संचालित 5₹ रुपए,भोजन योजना में अनियमितताओं,किसानों को नियमानुसार नगद भुगतान नहीं मिलने,तुलाई में हम्माली के नाम पर दोहरी वसूली जैसे गंभीर मुद्दों को भी उठाया।साथ ही मूंग फसल की खरीद समर्थन मूल्य से काफी कम दर पर किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए किसानों के आर्थिक शोषण पर रोक लगाने की मांग की गई।भारतीय किसान एवं मजदूर सेना ने यह भी कहा कि सर्वर संबंधी तकनीकी समस्याओं के कारण नीलामी कार्य प्रभावित होने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है,इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।संगठन के अध्यक्ष बबलू जाधव ने कहा कि किसानों की सुरक्षा,सुविधाओं एवं अधिकारों से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर यदि शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भारतीय किसान एवं मजदूर सेना किसानों के हित में व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी मंडी प्रशासन की होगी।ज्ञापन के माध्यम से मंडी प्रशासन से समस्त शिकायतों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

