ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
इन दिनों संपूर्ण ज़िले में कृषि उपज आवक जावक और परिवहन का कार्य ज़ोरों पर चल रहा है,पूरे ज़िले में किसान अपने ट्रैक्टर ट्रॉलियों द्वारा कृषि उपज मंडियों में बेचने के लिए ला रहे हैं।लेकिन वहीं अभी अभी बड़ी वाहन दुर्घटनाओं ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोड कर रख दिया है। विगत दिनों एक चार पहिया वाहन ट्रैक्टर ट्रॉली से टकरा कर क्षति ग्रस्त हो गया जिसमें बड़ी जन हानि भी हुई,वजह थी ट्रॉली का दिखाई ना देना जो अक्सर सड़कों पर होती हैं लेकिन रात में समझ में नहीं आ पाती हैं।जिसपर कोई इंडीकेशन नहीं होता है और दुर्घटना होती हैं।
रेडियम रिफ्लेक्टर लगाकर दिए सुरक्षा के निर्देश।
सड़क सुरक्षा के मद्दे नज़र क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ)प्रमोद कापसे ने मोर्चा संभालते हुए शुक्रवार को लगभग 50 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रेडियम लगाए,और किसानों को सुरक्षा के निर्देश दिए।आरटीओ अधिकारी ने अपने पूरे दल के साथ विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और कुलामड़ी रोड़ स्थित मां नर्मदा वेयर हाउस में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर निःशुल्क रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए।सांथ ही आरटीओ अधिकारी ने किसानों से मुलाकात कर सुरक्षित परिवहन और यातायात नियमों के पालन पर जोर दिया।अधिकारियों ने बताया कि रात के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली कम दिखाई देती हैं,जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।रेडियम लगने से वाहन दूर से ही चमकेंगे और हादसों में कमी आएगी।इसके साथ ही मां नर्मदा वेयरहाउस के स्टाफ को निर्देश दिए कि सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रात्रि के समय वेयरहाउस परिसर में ही खड़ा कराया जाए।सड़क किनारे खड़े वाहन अक्सर दुर्घटना का कारण बनते हैं।
एक्सपर्ट व्यू।
क्योंकि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ)श्री कापसे ख़ुद मैकेनिकल इंजीनियर हैं,और टेक्नीक को बेहतर समझते हैं,वो बताते हैं कि ट्रैक्टर ट्रॉलियों का इस्तेमाल कृषि कार्य और जटिल स्थितियों में होता है,जिसमें ये तरीके महज़ कुछ समय के लिए ही कारगर होते हैं,जिन्हें हम लम्बे समय के लिए कारगर नहीं कह सकते हैं,और ऐसा मानना भी संभव नहीं है।इसके लिए वाहन चालकों को ख़ुद सेल्फ अवेयरनेस कि बहुत ज़्यादा आवश्यकता है।जिसके लिए किसानों या वाहन मालिकों को इस के लिए जागरूक होने और ट्रॉलियों के ऊपर समय समय पर इन सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करना बेहद ज़रूरी है।तभी हम ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में कामयाब हो पाएंगे।

