सैफ अली खान की 15,000 करोड़ की विरासत पर छाया दुश्मन संपत्ति कानून का साया: एक कानूनी जंग की कहानी

सैफ अली खान की 15,000 करोड़ की विरासत पर छाया दुश्मन संपत्ति कानून का साया: एक कानूनी जंग की कहानी

नई दिल्ली – बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता सैफ अली खान एक नए विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं, लेकिन यह विवाद किसी फिल्मी मुद्दे को लेकर नहीं बल्कि उनकी पारिवारिक संपत्ति से जुड़ा है — जिसकी कीमत आज के समय में करीब 15,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इस संपत्ति पर संकट इसलिए मंडरा रहा है क्योंकि यह अब “दुश्मन संपत्ति” की श्रेणी में आ गई है। और इसका कारण है एक ऐसा कानून जो भारत-पाक बंटवारे के बाद की राजनीति से निकला था।


🕰️ कहानी की शुरुआत: भोपाल का नवाब खानदान

सैफ अली खान, नवाबों के वंशज हैं। उनके दादा हामिदुल्ला खान, भोपाल रियासत के अंतिम नवाब थे। बंटवारे के बाद नवाब परिवार का एक हिस्सा पाकिस्तान चला गया और वहां की नागरिकता ले ली। इसी आधार पर भारत सरकार ने उनकी संपत्ति को “Enemy Property” घोषित कर दिया — मतलब यह संपत्ति अब भारत सरकार की मानी जाती है।

🧾 दुश्मन संपत्ति अधिनियम: क्या है ये कानून?

Enemy Property Act, 1968 को इंदिरा गांधी सरकार ने लागू किया था। इसका मकसद था उन संपत्तियों को सरकार की निगरानी में लाना जो उन लोगों की थीं जिन्होंने भारत छोड़कर पाकिस्तान या चीन की नागरिकता ले ली।

  • यह कानून 2017 में संशोधित हुआ और इसे और भी सख्त बना दिया गया।

  • अब इन संपत्तियों पर कोई वारिस दावा नहीं कर सकता, भले ही वे भारतीय नागरिक क्यों न हों।


⚖️ सैफ अली खान की स्थिति: कानूनी पेंच में फंसी विरासत

सैफ अली खान के अनुसार, उनके दादा की संपत्ति को लेकर वह और उनका परिवार कानूनी रूप से उत्तराधिकारी हैं। लेकिन सरकार की नजर में यह संपत्ति “दुश्मन संपत्ति” है, क्योंकि उनके कुछ रिश्तेदार पाकिस्तान की नागरिकता ले चुके थे।

एक अनुमान के मुताबिक इस संपत्ति में शामिल हैं –

  • भोपाल में नवाबी महल,

  • जमीन के बड़े-बड़े टुकड़े,

  • और लखनऊ, दिल्ली, मुंबई जैसी जगहों पर अचल संपत्तियाँ।


🧠 कानून की गहराई और आलोचना

राजनीतिक आलोचना यह भी रही है कि यह कानून परिवारों को सज़ा देता है उनके पूर्वजों की पसंद के लिए, भले ही आज की पीढ़ी भारत की वफादार नागरिक हो।

2017 में, सरकार ने इस कानून में एक संशोधन लाकर यह स्पष्ट किया कि अब किसी भी प्रकार का उत्तराधिकार दावा वैध नहीं होगा, चाहे वह भारतीय नागरिक ही क्यों न हो। यह बदलाव सैफ जैसे कई परिवारों के लिए अंतिम झटका साबित हुआ।


🧭 आगे का रास्ता: क्या अब कुछ बचा है?

विधि विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में जीत की संभावना बहुत कम होती है। न्यायपालिका भी इस विषय पर कई बार सरकार के पक्ष में निर्णय दे चुकी है। सैफ अली खान यदि इस संपत्ति को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ते हैं, तो यह एक लंबी और लगभग असंभव लड़ाई होगी।


📌 निष्कर्ष: विरासत बनाम कानून

यह कहानी सिर्फ सैफ अली खान की नहीं है। यह उस दौर की याद दिलाती है जब देश बंटा, परिवार बंटे और कानून भी। आज भी लगभग 9,400 Enemy Properties भारत सरकार की निगरानी में हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है।

सैफ की विरासत अब इतिहास की गलियों में फंसी एक क़ानूनी भूलभुलैया बन गई है — और इसका अंत शायद अब अदालतें ही तय करेंगी।


Similar Posts

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
error

Enjoy this blog? Please spread the word :)