ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
दीपावली की चमक सिर्फ बाजारों की रोशनी में नहीं, बल्कि उन चेहरों की मुस्कान में बसती है जो अपनों के बीच रहने को तरस जाते हैं।इसी पावन भावना को जीवंत करते हुए, ‘नमामि नर्मदे सेवा समिति’ ने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को निभाते हुए इस बार भी दीपोत्सव शहर के आसरा वृद्ध आश्रम के बुजुर्गों के साथ मनाया।घर-परिवार से दूर इन बुजुर्गों के सूने आशियाने में जब अपनों जैसी आत्मीयता और हंसी-ठिठोली पहुँची,तो दीपावली का पर्व महज एक त्योहार न रहकर ममता और सेवा का एक पवित्र उत्सव बन गया।
संवेदनाएं।
अपनों से दूर रह रहे बुजुर्गों के साथ अपना पारंपरिक त्योहार मनाना एक अलग ही आत्मिक संतोष और उत्साह देता है,
नीतू महेंद्र यादव, नगर पालिका अध्यक्ष।
जब दीयों की रोशनी से जगमगा उठा आश्रम।
कार्यक्रम के दौरान समिति के सदस्यों ने बुजुर्गों के पास बैठकर न केवल उनका हाल-चाल जाना, बल्कि उन्हें ठंड के आने वाले दिनों से राहत दिलाने के लिए कंबल भेंट किए। मुँह मीठा कराने के लिए मिठाई और ताजे फल बांटे गए।शाम ढलते ही सभी ने मिलकर आश्रम परिसर में दीपदान किया।टिमटिमाते दीयों की पीली रोशनी में जब बुजुर्गों के चेहरे चमके और उन्होंने आशीर्वाद देने के लिए अपने कांपते हाथ उठाए,तो पूरा वातावरण भावुकता और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो गया। वहां मौजूद लोगों की आँखें नम थीं,लेकिन चेहरे पर एक सुकून भरी मुस्कान थी।
सेवा की वह परंपरा,जो बरसों से कायम है।
नमामि नर्मदे सेवा समिति के अध्यक्ष रोहित यादव ने भावुक होते हुए साझा किया कि यह विशेष परंपरा कोई नई नहीं है, बल्कि समिति पिछले कई वर्षों से इसे लगातार निभाती आ रही है।हमारा उद्देश्य सिर्फ दीपावली मनाना नहीं है,बल्कि इन बुजुर्गों को यह एहसास कराना है कि वे अकेले नहीं हैं। समाज का एक बड़ा परिवार उनके साथ खड़ा है।
कौन रहा मौजूद।
इस मानवीय पहल में नगर पालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव,समिति के संरक्षक महेंद्र यादव,वृद्धाश्रम की संचालिका निर्मला माथनकर, वार्ड 31 के पार्षद नरेन्द्र पटेल, समाजसेवी मांगीलाल यादव, उपाध्यक्ष कपिल यादव, आकाश यादव, राजकुमार यादव, लक्ष्मीनारायण यादव, भानुप्रताप यादव, पहलवान मनीष निगोटे, प्रिंस यादव, संजय यादव, आदित्य यादव, राजेंद्र राजोरिया, टीकाराम यादव, सोनू यादव, और गब्बर राजपूत सहित समिति के तमाम गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे और बुजुर्गों के संग दीपावली की खुशियां साझा कीं।

