सलकनपुर जा रहे पदयात्रियों की सेवा में जुटे समाजसेवी, प्रसाद और पेयजल कराए जा रहे उपलब्ध
घनश्याम पटेल सहित साथियों ने संभाली सेवा की जिम्मेदारी, श्रद्धालुओं के लिए भोजन, ठंडे पेयजल और विश्राम की व्यवस्था
शोभापुर। मां विजयासन देवी धाम सलकनपुर की पैदल यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए क्षेत्र के समाजसेवी आगे आ रहे हैं। पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जगह-जगह सेवा शिविर लगाकर प्रसाद, भोजन, ठंडे पेयजल और विश्राम की व्यवस्था की जा रही है। इसी क्रम में घनश्याम पटेल, पूर्व मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा शोभापुर, सहित उनके साथियों द्वारा सलकनपुर जा रहे श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराकर सेवा कार्य किया जा रहा है।
इस सेवा कार्य में घनश्याम पटेल, जगदीश पटेल रनमौथा, राधाबल्लभ पटेल रनमौथा, राधेश्याम पटेल बरबानी और शिवकुमार पटेल भानपुर सहित अन्य सहयोगी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हुए हैं। पदयात्रियों को रास्ते में प्रसाद और पेयजल उपलब्ध कराकर उनकी यात्रा को सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं की सेवा ही मां की सच्ची आराधना
घनश्याम पटेल ने बताया कि मां विजयासन देवी धाम सलकनपुर की पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना मां की सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है। श्रद्धालु पूरी आस्था और विश्वास के साथ मां के दर्शन करने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं। यात्रा के दौरान उन्हें थकान, गर्मी और पानी जैसी आवश्यकताओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनकी मदद करना और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना पुण्य का कार्य है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं में सेवा और सहयोग की भावना का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं को प्रसाद और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने से उन्हें राहत मिलती है। इस प्रकार के सेवा कार्यों से समाज में सहयोग, सद्भाव और धार्मिक आस्था की भावना भी मजबूत होती है।
हर वर्ष की जाती है सेवा व्यवस्था
सलकनपुर देवी धाम की पैदल यात्रा के दौरान प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पदयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए जाते हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, भोजन, पेयजल और कुछ समय आराम करने की व्यवस्था की जाती है।
सेवा शिविरों के माध्यम से स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करते हैं। कोई भोजन की व्यवस्था करता है, तो कोई पानी और प्रसाद वितरण में योगदान देता है। सामूहिक सहयोग से पदयात्रियों को रास्ते में राहत मिलती है और उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक बनती है।
सेवा और सहयोग से मजबूत होती है सामाजिक एकता
धार्मिक यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा करना केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता और मानव सेवा का भी उदाहरण है। रास्ते में अनजान श्रद्धालुओं को पानी, भोजन और विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराना आपसी सहयोग की भावना को दर्शाता है।
घनश्याम पटेल और उनके साथियों द्वारा किया जा रहा यह सेवा कार्य भी इसी भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास है। मां विजयासन देवी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराकर सेवा दल अपनी आस्था व्यक्त कर रहा है।
क्षेत्र में इस तरह के सेवा शिविर धार्मिक आयोजनों के दौरान जनसहभागिता की परंपरा को मजबूत करते हैं। श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे इन प्रयासों से सेवा, समर्पण और सहयोग का संदेश प्रसारित हो रहा है।

