इटारसी///
नर्मदापुरम जिले के आदिवासी विकासखंड केसला स्थित राज नारायण स्मृति भवन (संगठन कार्यालय) में मध्यांचल क्षेत्र के अंतर्गत मध्य प्रदेश के 6 जिलों से आए 17 विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक 6 और 7 सितंबर को संपन्न हुई। इस बैठक में क्षेत्र के तमाम ज्वलंत और गंभीर मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया।
व्यापक भागीदारी!
मध्यांचल क्षेत्र के 6 जिलों के 17 संगठनों के प्रतिनिधि केसला के राज नारायण स्मृति भवन में दो दिवसीय बैठक के लिए एकजुट हुए।बैठक में विस्थापन,पुनर्वास,शिक्षा, स्वास्थ्य,किसानों और मजदूरों की समस्याओं के साथ-साथ जल,जंगल और जमीन के अधिकारों पर विशेष चर्चा की गई।
संवैधानिक और जमीनी लड़ाई!
सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में यह सहमति जताई कि इन मुद्दों के समाधान के लिए अब एकजुट होकर संवैधानिक तरीके से, धरातल से लेकर सड़कों तक मजबूत लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है।
अधिकारों के लिए बनेगी संयुक्त रणनीति!
बैठक के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र के मूल निवासियों और मेहनतकश वर्ग के सामने आ रही समस्याओं का अब ठोस समाधान जरूरी है। विस्थापन और पुनर्वास की विसंगतियों तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सभी संगठनों ने आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया है। इस दो दिवसीय मंथन के बाद क्षेत्र में एक बड़े संयुक्त जन-आंदोलन की रूपरेखा तैयार किए जाने के संकेत मिले हैं।

