सात दिवसीय बाल अधिकार सप्ताह सम्पन्न,बचपन संवारना हमारी जिम्मेदारी:डॉ मयंक तोमर

ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
बाल संरक्षण क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में विगत 14 नवंबर से 20 नवंबर तक आयोजित सात दिवसीय बाल अधिकार सप्ताह के अंतिम दिन 20 नवम्‍बर 2025 को भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय सुखतवा में बाल अधिकार सप्ताह का समापन बड़े उत्साह पूर्वक किया गया। उक्त कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ नीता राजपूत के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में तथा राष्ट्रीय सेवा योजना एवं बाल संरक्षण का प्रभारी डॉ राधा आशीष पांडे के निर्देशन में उक्त सप्ताह का अंतिम दिवस बाल दुर्व्यापार पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कौन हुआ शामिल।
उक्त कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में जिला न्यायालय एवं विधिक सेवा के पीएलवी तथा बचपन सँवारो संस्था के प्रमुख डॉ मयंक तोमर एवं इंदौर से प्रमुख बैंकर एवं व्यवसायी, विशिष्ट अतिथि के रूप में नरेंद्र सिंह उपस्थित थे। कार्यक्रम में जिला रोजगार कार्यालय से काउंसलर श्रीमती योगिता साहू एवं श्रीमती नागले उपस्थित थी।

कार्यक्रम।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती एवं भगवान बिरसा मुंडा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की गई। इस दौरान छात्रा सिया मर्सकोले ने सरस्वती वंदना गाकर कार्यक्रम की रंगारंग शुरुआत की।इसके पश्चात कार्यक्रम अधिकारी डॉ राधा आशीष पांडे ने आज के बाल अधिकार दिवस की अंतिम दिवस के मुख्य उद्देश्य,बाल दुर्व्यापार को रोकने के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे कार्यों से अवगत कराया।

इन्होंने कहा।

जिला न्यायालय से जिला विधिक सेवा के पीएलवी एवं बचपन सवारों संस्था के प्रमुख डॉ मयंक तोमर ने अपने उद्बोधन में कहा कि मध्य प्रदेश ही नहीं पूरा देश इस प्रकार की समस्या से जूझ रहा है,इसका प्रमुख कारण है लोगों के बीच में जागरूकता,इस क्षेत्र में नहीं फैल रही है,लोग अपनी समस्याओं को बताने से अच्छा उसे दबाकर रखने में अपना भला समझते हैं।  अतः हमें इसे रोकने के लिए हर कदम प्रयास करना चाहिए और लोगों को इस हेतु जागरूक करने का प्रयास इस हाल में बैठे स्वयंसेवक एवं बाल संरक्षण क्लब इसकी प्रमुख कड़ी बन सकते हैं।इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षक डॉक्टर नीता राजपूत ने वर्तमान समय एवं परिस्थिति में लड़का हो या लड़की इन दोनों के ऊपर हो रहे दुर्व्यवहार एवं उनके दुर्व्यापार को रोकने हेतु अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में प्रतिदिन 32 बच्चे लापता हो रहे हैं जिसमें 23 लड़कियां एवं अन्य लड़के होते हैं जो बड़ा ही गंभीर विषय है। हमें इस बात पर गौर करना चाहिए कि जैसे ही हमें इस बात की सूचना मिले हमें विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर उन्हें सूचना देनी चाहिए।जिससे हम हो रहे गलत कार्य से लोगों को बचा सके।

इन्होंने कहा।

इंदौर से प्रमुख व्यवसाय और बैंकर नरेंद्र सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस तरीके का दुर्व्यापार शहरी परिक्षेत्र में ही नहीं वरन ग्रामीण परिक्षेत्र में भी बहुत अधिक फैल रहा है,हमें इसे रोकने का हरदम प्रयास करना चाहिए।जिला रोजगार कार्यालय से पधारी काउंसलर श्रीमती योग्यता साहू ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों को रोजगार के क्षेत्र एवं उनके लाभ से अवगत कराया,और बताया कि आपको आजकल प्राप्त होने वाली सुविधाएं जो पहले ऑफलाइन पंजीयन करा कर प्राप्त होती थी वह विभाग द्वारा ऑनलाइन पंजीयन करने से प्राप्त होने लगी है, समस्त छात्र-छात्राओं के रोजगार पंजीयन हेतु फार्म भरवाएं गए।

इन्होंने कहा।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी एवं बाल संरक्षण का प्रभारी डॉक्टर राधा आशीष पांडे ने बताया कि यूनिसेफ संस्था आगाज संस्था उमंग संस्था चाइल्ड हेल्पलाइन बचपन सवारों संस्था के माध्यम से हम बच्चों पर हो रहे इस दुर्व्यापार से बचा सकते हैं यदि हम जागरूक रहे।

संकल्प।

इस दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य के समक्ष समस्त विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि हम इन अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संपूर्ण रूप से सहयोग प्रदान करेंगे।इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के श्रीमती कामधेनु पाटोदिया, डॉक्टर प्रवीण कुशवाहा, श्रीमती संध्या उपाध्याय,डॉ सतीश ठाकरे एवं समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ राधा आशीष पांडे एवं आभार विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रभारी श्रीमती संध्या उपाध्याय द्वारा दिया गया।

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