ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल ने फिर एक बार पूरे प्रदेश को अपनी तरफ आकर्षित कर एक नई क्रांति को जन्म दिया है।बुधवार को भोपाल के हमीद मंजिल शादी हॉल में अनोखा और पहला परिचय सम्मेलन संपन्न हुआ,जिसमें ना कि सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि उत्तर प्रदेश,छत्तीसगढ़,महाराष्ट्र,एवं देश के अलग-अलग राज्यों से भी मुस्लिम युवक युवतियों ने रजिस्ट्रेशन करवा कर नई क्रांति के सूर्योदय की नींव रखी है।मौका था मध्यप्रदेश मुस्लिम विकास परिषद द्वारा आयोजित तार्रुफी इज्तेमा (परिचय सम्मेलन)का जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज ने शिरकत कर दहेज के खिलाफ अपने रुख को स्पष्ट करते हुए दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त कर समाज से दूर करने के लिए समाज को जागृत किया।यह देश का पहला परिचय सम्मेलन था जिसमें यह स्पष्ट कहा गया था कि इस परिचय सम्मेलन में वही रजिस्ट्रेशन कर सकता है जो दहेज ना लेगा और ना ही देगा,जिसमें परिषद को उम्मीद से ज्यादा सफलता हासिल हुई।इस परिचय सम्मेलन में लगभग 275 से भी अधिक युवक युक्तियां ने अपने रजिस्ट्रेशन करवाए थे,इस परिचय सम्मेलन के जरिए लगभग 36 परिवारों ने आपस में मिल बैठकर रिश्ते कायम करने की राह पर अग्रसर होते हुए सहमति दी है।
क्या कहा शहर क़ाज़ी ने।
इस अवसर पर शहर क़ाज़ी सैय्यद मुश्ताक अली नदवी भी कार्यक्रम में उपस्थित हुए और समाज को संबोधित कर उन्होंने कहा कि अगर आप जीवन में सुख और समृद्धि चाहते हैं तो बच्चों की शादियां दहेज के लेनदेन के बगैर करें,और इस्लामी तरीके से करें।आज समाज इस कुप्रथा से ग्रस्त है,यह माहौल बदलना चाहिए,और शादियां सही वक्त और सही उम्र में सादगी के साथ होनी चाहिए जिससे किसी पर कोई बोझ नहीं हो,यही इस्लाम का तरीका भी है।मुफ्ती वसीम साहब ने कहा आज हम शादियों के मामले में शैतान की पैरवी कर रहे,हम शादी की खुशियों में इतना आगे निकल जाते हैं कि अल्लाह और रसूल के हुक्मों की भी परवाह नहीं करते।
मध्यप्रदेश मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष ने कहा।
मुस्लिम विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद माहिर ने कहा कि परिषद पूरे प्रदेश में दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान चला रही है,युवक युवतियों के परिचय हेतु जो फॉर्म आए हैं,उसने हमारा मनोबल बढ़ाया है,और चौंकाने वाली बात यह रही है की सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन लड़कों के आए हैं,जो लड़कियों की संख्या से ज्यादा है,जो समाज में फैली इस कुप्रथा के खिलाफ एक दीपक की तरह दिखाई पड़ रहे हैं पश्री माहिर ने साथ ही यह भी कहा कि दहेज सिर्फ मुस्लिम ही नहीं सभी समाज के लिए एक बड़ी बुराई है।यह कभी भी हमारे समाज में रही ही नहीं थी,जो अब एक प्रथा बन गई है। जिसे दूर करना सभी समाज धर्म और वर्गों के लिए जरूरी है।
इन्होंने कहा।
कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट सैय्यद अशरफ अली ने कहा कि हम समाज को दहेज जैसी बीमारी से बचने के लिए जागरुक कर रहे हैं,परिषद प्रदेश के दूसरे जिलों में भी इसी प्रकार के आयोजन करेगी,यह देश का पहला बिना दहेज का मुस्लिम तरीके का परिचय सम्मेलन है,जो भोपाल में आयोजित किया गया, जिसके परिणाम बेहद चौंकाने वाले और उत्साहवर्धक हैं।
समापन।
कार्यक्रम के आखिर में कार्यक्रम कार्डिनेटर शावेज़ सिकंदर ने सभी परिवारों का शुक्रिया अदा किया,जिन्होंने बहुत उत्साह के साथ सम्मेलन को कामयाब बनाया,जिसमें मुख्य रूप से परिषद के इवेंट इंचार्ज सैय्यद फैज़ अली,कंप्यूटर इंचार्ज औरंगज़ेब आज़म,कंप्यूटर ऑपरेटर जुनेद मोहम्मद, डाइस एंकर आर जे मोहम्मद शारिक़ (शेज़ी),हाल इंचार्ज शमीम हयात,डाइस इंचार्ज मोइनुद्दीन,डेस्क इंचार्ज शहाब सलीम और शकीलुर्रहमान चांद,रजिस्ट्रेशन इंचार्ज अल्तमश और समीर मोहम्मद एडवोकेट,ट्रांसपोर्टिंग इंचार्ज नासिर ख़ान,काउंसलर हाजी विकार अंसारी,मोहम्मद नसीम,शकील एहमद,हाजी अतहर ख़ान,रमज़ान भारती,हसन मुस्तफ़ा,बासौदा नगर क़ाज़ी इक़्तेदार बारी,शाहिद मंसूरी,श्रीमती शबाना अरशद,श्रीमती शगुफ्ता,श्रीमती खुर्शीद।वॉलिंटियर्स मोहम्मद हस्सान,हाफ़िज़ अयान,मोहम्मद आदिल, मोहम्मद तौहीद,मोहम्मद ताहिर,मोहम्मद अशर, मोहम्मद अशरफ़,मोहम्मद इक़बाल,मोहम्मद समीर और सैयद शोएब अली इत्यादि शामिल हैं।
मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद माहिर का प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी शेख न्याज़,जिला अध्यक्ष उज्जैन फिरोज भारती,जिला अध्यक्ष नर्मदापुरम हाजी मोहम्मद अथर ख़ान,नर्मदापुरम ज़िला उपाध्यक्ष इमाम शाह,इटारसी नगर महासचिव शेख शकील,नर्मदापुरम नगर अध्यक्ष असलम भारती,द्वारा प्रदेश अध्यक्ष का साफ़ा बांधकर सम्मान किया गया और सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।



