ताज ख़ान
इटारसी//
तवानगर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन कथा स्थल भक्तिरस से सराबोर हो गया। कथावाचक पंडित सौरभ दुबे ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव एवं वामन अवतार की कथा का अत्यंत भावपूर्ण और रोचक वर्णन किया। जैसे ही नंद बाबा के आंगन में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया,पूरा पंडाल
“नंद के आनंद भयो, हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल की” गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।कथावाचक पंडित दुबे ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ।श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान नंदोत्सव का ऐसा जीवंत चित्रण किया गया कि श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया।इसके साथ ही वामन अवतार की कथा का वर्णन करते हुए पंडित दुबे ने राजा बलि के चरित्र को उदाहरण स्वरूप प्रस्तुत किया।उन्होंने बताया कि संसार की सभी वस्तुएं भगवान की ही हैं,और जब मनुष्य उन्हें भगवान को समर्पित करता है,तभी उसे सच्ची मुक्ति प्राप्त होती है। राजा बलि द्वारा तीन पग भूमि दान कर सर्वस्व अर्पण करने की कथा ने श्रद्धालुओं को त्याग और समर्पण का गहरा संदेश दिया।कथा में मुख्य यजमान भूपेंद्र कुमार साहू,मंदिर समिति अध्यक्ष भूपेश साहू,संरक्षक मुन्ना शर्मा,ग्राम सेवक रघुवंशी, सर्व धर्म सद्भावना समिति के अध्यक्ष बशारत खान, ब्राह्मण समाज के युवा संभागीय अध्यक्ष पंडित अंकित दुबे रूपापुर, हितेश, गोपू पटेल, मोहन सिंह ठाकुर, प्रेम मिश्रा गुलजारीलाल विश्वकर्मा,ननकू भैया,सुरेश तिवारी,उमेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी बंधु,युवा एवं महिलाओं की उपस्थिति रही।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पूरा पंडाल श्रद्धा,भक्ति और उल्लास से ओतप्रोत नजर आया।भागवत कथा का यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा है, जिससे जनमानस में भक्ति और सदाचार का भाव प्रबल हो रहा है।

