ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
नर्मदापुरम विधानसभा में आने वाली नर्मदापुरम और इटारसी नगर पालिका में अजब नजारा देखने को मिल रहा है,जहां नगर की अव्यवस्थाओं के विरोध का ज़िम्मा कुछ मीडिया,आरटीआई एक्टिविस्टों,समाजसेवियों,ने थाम रखा है,या संगठन के दूसरे धड़ों ने संभाला है,बड़ी बात तो यह है कि विपक्षी दलों के मुद्दे को भी कई बार सत्ता दल के पार्षदों को ही उठाना पड़ता है,मजे की बात तो यह है कि दोनों नगर पालिकाओं में बाकायदा कांग्रेस पार्टी यानी विपक्षी दल ने अपने नेता प्रतिपक्ष भी बनाए हुए हैं,जिनका जिम्मा जनता के मुद्दों को और नपा में होने वाली अनियमितताओं को उठाना और समय-समय पर सत्ताधारी दल यानी भाजपा की नगर पालिका को घेरना है,लेकिन उनके द्वारा कोई भी मुद्दों पर नगर पालिका को कभी घेरा ही नहीं जाता है।यह साबित करता है कि दोनों गुटों के पार्षदों और नेता प्रतिपक्षों के कितने मधुर संबंध है।ऐसा सोमवार को भी देखने में आया जब युवक कांग्रेस ने बेहद दिलचस्प अंदाज में नगर पालिका को कटघरे में खड़े होने पर मजबूर कर दिया,मामला 10 वर्ष पूर्व नगर पालिका को दान दी गई रोड क्लीनिंग मशीन को लेकर युवक कांग्रेस ने अनोखे अंदाज में मैयत पर बजने वाले बाजों के साथ फूल माला चढ़ाकर 40 लाख की रोड क्लीनिंग मशीन को श्रद्धांजलि अर्पित कर अपनी नाराजगी व्यक्त की।प्रदेश प्रवक्ता रोहन जैन और नगर कांग्रेस अध्यक्ष ग़ुलाम मुस्तफा के नेतृत्व में युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया,लेकिन वहां कांग्रेस का कोई भी पार्षद या नेता प्रतिपक्ष मौजूद नहीं दिखे।जबकि यह जिम्मेदारी सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष की थी जो इस अनियमितता को जनता के सामने नहीं ला पाए।
जनता के पैसों पर डाका।
प्रदेश प्रवक्ता रोहन जैन ने बताया कि जनता के पैसों पर डाका डाला जा रहा है,नगर पालिका नर्मदापुरम को दान में मिली रोड क्लीनिंग मशीन कुछ ही दिन सड़क पर चल पाई और खराब होकर यार्ड में खड़ी कर दी गई,वहीं धूल खा रही है।नई नपा कार्यकाल में इसको सुधारने के लिए लगभग 7:30 लाख रुपए की राशि का टेंडर भी निकाला गया था,और नोट शीट में नपा ने मशीन को स्वयं के द्वारा क्रय करना बताया था,यह भी बड़ी अनियमितता है।युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया की जनता के पैसों की लूट मची हुई है,युवा कांग्रेस ने आगामी समय में जनता से जुड़े मुद्दों पर नपा के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।नेता प्रतिपक्ष बोले।
विगत दिनो पहले नर्मदापुरम में होने वाले नर्मदा जयंती के कार्यक्रम की चर्चा में जब नेता प्रतिपक्ष मौजूद थे,तब उन्होंने नर्मदा जयंती पर लगने वाले जल मंच पर अपने नेताओं को एंट्री देने की बात कही,लेकिन शहर में फैली हुई अनियमितताओ और बदहाल हो रही व्यवस्थाओं पर कोई चर्चा नहीं करी।वहीं भाजपा के एक वार्ड पार्षद ने नगर में उधड़ी पड़ी सीवर लाइन पर सभी का ध्यान आकर्षित किया था,जो काम विपक्षी नेता प्रतिपक्ष और पार्षदों का था।
इटारसी नगर पालिका का भी कुछ यही है हाल।
इसी विधानसभा की इटारसी नगर पालिका में भी कुछ यही नजारा देखने को मिलता है,जहां कांग्रेसी यानी विपक्षी पार्षदों को तो जैसे सिर्फ नपा के समान सम्मेलन में लंच के लिए बुलाया जाता है,और इस समय गुमनाम नेता प्रतिपक्ष नजर आते हैं,बस एक वार्ड 16 के पार्षद अमित कापरे समय-समय पर अपने कड़वे और गुदगुदी भरे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करते रहते हैं,बाकी तो सब आल इज़ वेल मोड में ही चल रहा है।जबकि देखा गया है कि जब से जिला कांग्रेस की बागडोर शिवाकांत(गुड्डन) पांडे के हाथ में दी गई है,तब से कुछ गतिविधियों के साथ जिले में कांग्रेस की सक्रियता बड़ी है,लेकिन नगर प्रशासन में विपक्ष की भूमिका के पार्षदों और खास तौर पर नेता प्रतिपक्षों की ख़ामोशी
और नज़र अंदाज़ी कांग्रेस के बिखराव की दास्तान बयां करती है।विपक्ष के लिए कई मुद्दे फिर भी अभाव।
इस वक्त विपक्ष के पास कई मुद्दे हैं लेकिन कांग्रेसी नेता प्रतिपक्ष नदारत है,अभी कुछ ही दिनो पूर्व भाजपा से ही पार्षद और नपा इटारसी में सभापति अमृता मनीष ठाकुर ने अपनी ही नगर पालिका को वार्ड की जनता के लिए जमकर लताड़ लगा दी,मामला था पानी की पाइप लाइन और दूषित पानी का लेकिन उस पर भी कांग्रेसी नेता प्रतिपक्ष का कोई स्टैंड नजर नहीं आया। एक पूर्व पार्षद ने(SIR) की गंभीर प्रक्रिया की चूक को पकड़ा लेकिन उस पर नगर कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में सिर्फ ज्ञापन देकर इतिश्री कर ली गई।यह हाल है कांग्रेसी पार्षदों और उनके नेता प्रतिपक्षों का जिसके हवाले जनता के मुद्दे छोड़ दिए गए हैं,या कहें सिर्फ दिखावा किया जा रहा है।

