ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
ज़िलाधीश नर्मदापुरम सोनिया मीना की प्रशासनिक कसावट का असर अब दिन ब दिन धरातल पर नज़र आना शुरू हो गई है,जिसमें प्रमुख रूप से जनसुनवाई में उम्मीद लगा कर आने वाले नागरिकों को अब राहत महसूस होने लगी है।वहीं बेलगाम प्रशासनिक नुमाइंदों के माथे पर अब लखीरें दिखने लगी हैं,जो आम नागरिको के लिए तसल्ली वाली बात है।इसी मंगलवार जनसुनवाई में ही एक महिला लोक सेवा केन्द्र में विलंब की बात लेकर आईं और एक पीड़ित डोलरिया तहसील में सीमांकन की शिकायत लेकर आए तो जिलाधीश सोनिया मीना ने स्वयं संबंधित अधिकारी से बात कर लोक सेवा की कार्यप्रणाली को समझाया और फरियादियों के प्रकरण का निराकरण किया,मामला यहीं नहीं रुकता,इसके बाद जिला प्रबंधक,लोक सेवा द्वारा मंगलवार को लोक सेवा केंद्र सिवनी मालवा तथा डोलरिया का औचक निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान दोनों केंद्रों में कई अनियमितताएं पाई गईं,जिनके सुधार हेतु तत्काल निर्देश जारी किए गए।सिवनी मालवा के लोक सेवा केंद्र में ऑनलाइन भरे गए आवेदनों पर आवेदकों के हस्ताक्षर नहीं मिले और संलग्न दस्तावेज़ों की जाँच की गई,केंद्र में सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग भी उपलब्ध नहीं हो पाई,इसके साँथ जिला प्रबंधक ने साफ‑सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और ऑपरेटरों को समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए।डोलरिया के लोक सेवा केंद्र में भी ऑनलाइन आवेदनों पर हस्ताक्षर न मिलने की समस्या पाई गई। कुछ आवेदकों को आवेदन की पावती नहीं दी जा रही थी,इसलिए सभी आवेदकों को अनिवार्य रूप से पावती प्रदान करने के आदेश दिए गए।निरीक्षण में पता चला कि केवल एक सीसीटीवी कैमरा चालू था,परन्तु उसकी रिकार्डिंग उपलब्ध नहीं थी। केंद्र के संचालकों को सेवाओं के शुल्क सहित खोलने और बंद करने के समय को फ्लेक्स के माध्यम से सार्वजनिक करने के निर्देश भी मिले।निरीक्षण में पाया गया कि दोनों केंद्रों पर आवेदन शुल्क केवल 20 रुपये ही लिया जा रहा है।जिला प्रबंधक ने सभी ऑपरेटरों को आवेदकों से विनम्रता पूर्वक व्यवहार करने,यूनिफॉर्म में उपस्थित रहने तथा केंद्र को प्रतिदिन 10 बजे खोलने के आदेश दिए।साथ ही केंद्र पर निर्धारित स्टॉफ,पेयजल, बैठक व्यवस्था,इंटरनेट, कंप्यूटर,प्रिंटर,यूपीएस, फर्नीचर तथा प्रचार‑प्रसार सामग्री की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा साफ सफाई व्यव्स्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस कार्यवाही ने ज़िले में पदस्त अधिकारियों,कर्मचारियों में साफ़ तौर से ये संदेश पहुंचाने का कार्य किया है की अब किसी भी कोताही की गुंजाइश नहीं है और ज़िलाधीश का कार्यालय अब हरकत में है।

