कांग्रेस ज़िला कार्यालय में होगी जनसुनवाई,कार्यकर्ताओं की भी सुनेंगे ज़िला अध्यक्ष।

ताज ख़ान
नर्मदापुरम//
इस समय नर्मदापुरम ज़िले में आम नागरिकों की जैसे चांदी ही चांदी हो रही है,चहूं ओर सुशासन की बहार आई है।जनता के लिए अधिकारियों से लेकर जन प्रतिनिधि कमर कसे हुए हैं,जो न सिर्फ़ जनता की पीड़ा सुनते हैं,बल्कि तत्काल प्रभाव से उन समस्याओं का निराकरण भी कर देते हैं।एक तरफ़ ज़िला मुख्यालय पर जिलाधीश के दरबार में असहाय और परेशान लोगों के संकट दूर किए जाते हैं,वहीं ज़िले की चारों विधानसभा में विधायक अपने कार्यालय में जनता के कष्टों को दूर करते हैं।वहीं सेवक से शहंशाह बने क्षेत्र के सांसद ने भी बड़ा शोरूम नुमा जनता के लिए जनता दरबार खोला हुआ है,जहां बताया जाता है की लोग आँखों मे आंसू लिये जाते हैं,और चेहरे पर मुस्कान और खुशियां लेकर बाहर निकलते हैं।इस मामले में नर्मदापुरम नगर पालिका भी पीछे नहीं है,जहां जनता के हर दर्द के लिये दवा दी जाती है।लेकिन अब बचीखुची तकलीफों के लिए,किसी कोने में पड़ी कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष ने भी आस्तीन चढ़ा ली है,और अब एक और नई जनसुनवाई केंद्र शुरू किया जा रहा है।जहां कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष शिवाकांत (गुड्डन)पांडे भी अब लोगों से रूबरू होंगे सांथ ही हाशिये पर रहे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के ज़ख्मों पर मरहम लगाएंगे।पांडे जी महीने के प्रति शनिवार सुबह 11:00 बजे से 2:00 बजे तक अपने ज़िला कांग्रेस कार्यालय में आमजनों के साथ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की समस्याओ को सुनेंगे।प्रवक्ता अनिल रैकवार ने बताया की अध्यक्ष आमजनों की जिस भी विभाग से समस्या आएगी उन समस्याओं को दूर करने का भरपूर प्रयास करेंगे।ओर तो ओर आगामी नगर पालिका एवं पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर और चुनावों में सभी सीटों पर विजय पाने के लिये कांग्रेस कार्यकर्ताओं को टिप्स भी देगे।अब जाकर आम जनता के लिये अच्छे दिन आए हैं।जब पूरा सत्ता दल विपक्षी दल और ज़िले का प्रशासनिक बल सब जनता के दुखों के निवारण हेतु आतुर है।जनप्रतिनिधि तो जैसे सिर्फ़ क्षेत्र की जनता के लिए ही पलकें बिछाए बैठे हैं और अब कांग्रेस ज़िला अध्यक्ष भी इस रेस में उतर आए हैं।हालाकि ये स्पष्ट नहीं है कि अगर अधिकारी विपक्षी दल के ज़िला अध्यक्ष की नहीं सुनते हैं तो क्या पांडे जी भी विधायक जी के दरवाज़े की तरफ़ देखेंगे?या सांसद से निवेदन करेंगे?एक वरिष्ठ समाज सेवी ने बताया की जब सत्ता दल के जनप्रतिनिधियों की सुनवाई अधिकारियों के सामने नहीं होती है तो ये विपक्ष में बैठे अध्यक्ष जी की कैसे सुनेंगे।क्योंकि यह कांग्रेस ज़िला अध्यक्ष तो वैसे भी क्षेत्रीय मुद्दों को छूते भी नहीं हैं।वो तो केवल प्रदेश स्तर की समस्याओं पर बात करते हैं।हां हालाकि उनके सभी से अच्छे संबंध हैं तो निवेदन करके करवा ही लेंगे।इन सब बातों में सिर्फ़ एक बात तो अच्छी है कि मुद्दतों बाद कम से कम कांग्रेस को इसी बहाने ज़िला कार्यालय तो मिला और जनसुनवाई के नाते कार्यकर्ताओं की जमघट तो लगने ही लगेगी।

 

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